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बिहार में राजनीति का बदला ट्रेंड, रैलियों के बजाए ये काम कर रही हैं सभी पार्टियां
Patna News in Hindi

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: February 5, 2020, 11:29 PM IST
बिहार में राजनीति का बदला ट्रेंड, रैलियों के बजाए ये काम कर रही हैं सभी पार्टियां
बिहार में राजनीतिक दल रह रहे हैं यात्राएं.

विधानसभा के चुनावी साल में बिहार में राजनीतिक यात्राओं (Political Trips) का दौर चरम पर है. एनडीए (NDA) के साथ-साथ महागठबन्धन की पार्टियां भी अपनी यात्रा के दम पर वोटरों को रिचार्ज करने में लगी हुई हैं. सवाल यही है कि यात्रा की इस परीक्षा में कौन पास होगा और कौन फेल?

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पटना. एक समय वह भी था जब बिहार की राजनीति में रैलियों का बोलबाला रहता था. राजनीतिक दल चुनाव की आहट के साथ ही वोटरों को रिझाने के लिए रैलियों को माध्यम बनाते थे. खासकर आरजेडी (RJD) के 15 साल के शासनकाल में बिहार कई रैलियों का गवाह बना है, लेकिन बदलते वक्त के साथ रैलियों की जगह राजनीतिक यात्राओं ने ले ली है. अब तो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्‍वी यादव (Tejaswi Yadav) भी यात्राओं के माध्यम से जनता में पैठ बनाने में लगे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के लिहाज से अभी वार्मअप स्टेज ही है, लेकिन मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) जल जीवन हरियाली यात्रा पर निकले तो तेजस्‍वी बेरोजगारी हटाओ यात्रा की तैयारी में हैं.

भाजपा कर रही है ये काम
उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा सीएए और एनआरसी पर समझो समझाओ यात्रा कर रही तो भाजपा इसी मुद्दे पर जनजागरण अभियान चला रहा है. जबकि रैलियों के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन करता रहा वामदल भी सविधान बचाओ यात्रा का सहारा ले रहा है.

कांग्रेस ने कही ये बात

जबकि महागठबंधन में शामिल कांग्रेसनेता उमाशंकर सिंह की मानें तो राजनीतिक यात्रा का मकसद चाहे जो हो, लेकिन इसे जनता का भरोसा हासिल करना मुश्किल होता है, लेकिन सत्तापक्ष के नेताओं की नजर में यात्राएं राजनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण है. क्‍योंकि अपने सिद्धान्तों और भावी योजनाओं के लिहाज से दल जनमानस पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं. जेडीयू नेता राजीव रंजन का दावा है कि सत्ता की शुरुआत से ही सीएम नीतीश कुमार की विभिन्न यात्राओं ने पार्टी को बहुत फायदा पहुंचाया है. जबकि भाजपा प्रवक्ता निखिल मंडल की मानें तो पार्टी की स्वाभिमान यात्रा राष्ट्र हित में है, लेकिन आरजेडी जैसी पार्टियों अपनी यात्राओं के माध्यम से केवल राजनीतिक हित साधना चाहती हैं. जबकि आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी की मानें तो नीतीश सरकार की विफलताओं को पार्टी अपनी बरोजगार यात्रा के माध्यम से बेहतर तरीके से उजागर कर सकती है.

जानकार कहते हैं ये बात
राजनीतिक मामलों के जानकार रवि उपाधयाय की राय में राजनीतिक यात्राओं से पार्टियों का फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि वोटर कितना प्रभावित हो पाता है. वैसे 2020 के बिहार विधानसभा के लिहाज से राजनीतिक दलों को अपनी यात्राओं का कितना फायदा मिलेगा, यह बता पाना फिलहाल मुश्किल है, लेकिन इन यात्राओं के कारण बिहार में राजनीतिक तापमान चरम पर है. 

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First published: February 5, 2020, 11:29 PM IST
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