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जब CM नीतीश कुमार के सदन में आते ही RJD एमएलसी ने मांग लिया बर्थडे केक, फिर...

सदन के भीतर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के विधायकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जन्मदिन की बधाइयां दीं.

सदन के भीतर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के विधायकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जन्मदिन की बधाइयां दीं.

Nitish Kumar Birthday: सदन में जब सीएम नीतीश कुमार को बधाइयां दी जा रही थीं तो आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने जन्मदिन केक की मांग कर डाली. उनकी इस मांग को सुनकर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा. सुनील सिंह ने कहा कि सभी लोग बधाई दे रहे हैं लेकिन अभी तक केक नहीं मिला है.

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पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन के मौके पर जहां जेडीयू नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम कर रहे हैं, वहीं आज सदन के भीतर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के विधायकों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया. विधान परिषद के भीतर सभी सदस्यों ने बारी-बारी से नीतीश कुमार को बधाई देते हुए लंबी उम्र की कामना की. जेडीयू नेता और एमएलसी गुलाम गौस ने कहा कि सभी लोग अपनी उम्र नीतीश कुमार को देना चाहते हैं लेकिन मैं नहीं देना चाहता. मैं खुद डायबिटीज का मरीज हूं, इसलिए मैं नहीं चाहता कि मेरी उम्र इन्हें लगे. गुलाम गौस के इस बात पर परिषद के भीतर खूब ठहाके लगे. हम नेता अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री संतोष सुमन ने नीतीश कुमार को देश का दूसरा अम्बेडकर बताया.

किसी ने केक मांगा तो किसी ने रिटर्न गिफ्ट
नीतीश कुमार को जब बधाइयां दी जा रही थीं तो आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह ने सदन में ही जन्मदिन का केक मांगकर सदन को ठहाकों में तब्दील कर दिया. सुनील सिंह ने कहा कि सभी लोग बधाई दे रहे हैं लेकिन अभी तक केक नहीं मिला है. सभी के लिए सदन में केक आना चाहिए. आरजेडी नेता रामचंद्र पूर्वे ने मजाकिया अंदाज में सदन में ही सीएम नीतीश से रिटर्न गिफ्ट भी मांग लिया. रामचंद्र ने कहा कि आजकल बधाई के बाद रिटर्न गिफ्ट लेने की परंपरा शुरू हुई है. नीतीश कुमार को चाहिए वो भी रिटर्न गिफ्ट दें. रामचंद्र पूर्वे के इस बात पर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने जबाब देते हुए कहा कि आज से सभी सदस्यों के लिए वैक्सीन की शुरुआत सीएम कर रहे हैं. इससे बड़ा गिफ्ट और क्या हो सकता है.

नीतीश के जन्मदिन को विकास दिवस के रूप में मनाने की मांग आज विधान परिषद के भीतर उठी. जेडीयू नेता नीरज कुमार ने अल्पसूचित प्रश्नकाल के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के दिन को बिहार में हर साल विकास दिवस मनाया जाना चाहिए. विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि महापुरुषों के जन्मदिन के मौके पर बाल दिवस और शिक्षक दिवस जैसे कई समारोह होते हैं. नीतीश कुमार ने भी विकास को देश की राजनीति में मुख्यधारा में लाने का काम किया है, इसलिए 1 मार्च को बिहार में विकास दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए. बीजेपी नेता संजय मयूख ने विधान परिषद सभागार का नाम नीतीश कुमार के नाम पर करने का प्रस्ताव सदन में रखा. कांग्रेस नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने इस बात का विरोध करते हुए कहा कि किसी भी नेता के जीवनकाल में ही नाम रखना और विकास दिवस मनाना गलत परम्परा की शुरुआत है.
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