CM नीतीश ने लॉन्च किया होम आइसोलेशन ट्रैकिंग Covid App, जानिए मरीजों के घर कैसे पहुंचेगा डॉक्टर

बिहार:HIT App से कोविड मरीजों का घर पर ही होगा इलाज, नीतीश ने किया लांच

बिहार:HIT App से कोविड मरीजों का घर पर ही होगा इलाज, नीतीश ने किया लांच

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होम आइसोलेशन ट्रैकिंग कोविड एप लांच किया है. नीतीश कुमार ने कहा कि होम आइसोलेशन ट्रैकिंग कोविड ऐप के लॉन्च होने से आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की देखभाल में सहूलियत होगी.

  • Share this:

पटना. होम आइसोलेशन में अपना इलाज करा रहे कोरोना मरीज की सरकार की ओर से तैयार किए गए हिट ऐप से मदद मिल सकती है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

के जरिए होम आइसोलेशन ट्रैकिंग कोविड ऐप (Home Isolation Tracking Covid App ) लॉन्च किया है. नीतीश कुमार ने कहा कि होम आइसोलेशन ट्रैकिंग कोविड ऐप के लांच होने से आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की देखभाल में सहूलियत होगी. इस ऐप के जरिए घर में इलाज करा रहे मरीजों ऑक्सीजन से लेकर दूसरी पूरी जानकारी मिल जाएगी. अगर किसी मरीज की तबियत ज्यादा खराब होती है तो स्वास्थ विभाग के कर्मचारी घर जाएंगे और मरीज का हाल-चाल जानेंगे. जरूरत पड़ी तो उसके इलाज की व्यवस्था घर पर ही की जाएगी और ज्यादा तबियत खराब होती है तो कोविड डेडिकेटेड अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जाएगा.

सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव संतोष  कुमार मल्ल ने होम आइसोलेशन ट्रैकिंग (एचआईटी) कोविड ऐप के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह ऐप स्वास्थ्य विभाग के मार्ग दर्शन में कोरोना महामारी से बचाव के लिये बेल्ट्रन द्वारा विकसित किया गया है. एचआईटी ऐप के माध्यम से घर पर आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का ट्रैकिंग  किया जाएगा. स्वास्थ्य कार्यकर्ता ट्रैकिंग के पश्चात इन आंकड़ों को ऐप में फीड किया जाएगा, जिसका ट्रैकिंग जिला स्तर पर भी किया जाएगा.

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस ऐप का उपयोग सुपौल, गोपालगंज, औरंगाबाद, नालंदा तथा भागलपुर में सफलतापूर्वक किया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि खुशी की बात है कि आज होम आइसोलेशन ट्रैकिंग (एचआईटी) कोविड ऐप लॉन्च किया गया है. कोरोना से संक्रमित बड़ी संख्या में मरीज घर पर आइसोलेशन में रह रहे हैं. इन मरीजों के अक्सीजन स्तर की निरंतर ट्रैकिंग  की आवश्यकता है, क्योंकि इस बार के संक्रमण में मरीजों के ऑक्सीजन स्तर गिरने के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति ज्यादा गंभीर हो जा रही है.
होम आइसोलेशन ट्रैकिंग कोविड ऐप से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा मरीजों के घर पर जाकर प्रतिदिन उनके शरीर का तापमान और ऑक्सीजन स्तर जांच की जाएगी, जिसके आधार पर उनका उचित इलाज समय पर हो सकेगा. चिकित्सकीय पर्यवेक्षण के दौरान जिनका ऑक्सीजन स्तर 94 से कम पाया जाएगा, उन्हें आवश्यकता पडऩे पर डेडिकेटेड हेल्थ सेंटर में ससमय भर्ती कराकर उनका इलाज कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाके में स्वास्थ्य परामर्शियों को प्रशिक्षित किया गया है, उनकी भी इस काम में सेवा ली जाएगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज