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नीतीश के 'मंत्री' ने कहा NRC हमारे एजेंडे में, तो जेडीयू ने कही ये बात

Anand Amrit Raj | News18 Bihar
Updated: November 12, 2019, 8:04 PM IST
नीतीश के 'मंत्री' ने कहा NRC हमारे एजेंडे में, तो जेडीयू ने कही ये बात
संवेदनशील मुद्दों पर आपस में भिड़े नीतीश कुमार के मंत्री

अयोध्या पर फैसला (Ayodhya Verdict) आने के बाद बीजेपी नेताओं के सुर अब नेशनल सिटीज़न रजिस्टर (NRC), जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों को लेकर मुखर हो गए हैं. बीजेपी कोटे के मंत्री कहते हैं कि एनआरसी बीजेपी के एजेंडे में है तो जेडीयू भी अपने पुराने विरोध वाले स्टैंड पर कायम रहने की बात कह रहा है.

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पटना. अयोध्या मामले का फैसला (Ayodhya Verdict) आने के बाद सियासी हलकों से लेकर आम लोगों ने भले ही राहत की सांस ली हो लेकिन बिहार (Bihar) में बीजेपी (BJP) के नेताओं ने एनआरसी (NRC) जैसे मुद्दे को उठा कर चुनावी साल में माहौल को गर्माने की शुरुआत कर दी है. बिहार बीजेपी के कुछ नेताओं ने इशारों में ये बात कही है कि 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly election 2020) में बीजेपी इस मुद्दे को उठा सकती है. वो भी जेडीयू (JDU) जैसे सहयोगी होने के बावजूद जो एनआरसी, कॉमन सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों का विरोध करता आया है

NRC बीजेपी के एजेंडे में है
बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नीतीश कुमार के मंत्री विनोद सिंह खुले तौर पर कहते है कि एनआरसी का मुद्दा बीजेपी के एजेंडे में है. इसे तो देशभर में लागू होना ही है. वो इस बात का भी हवाला देते हैं कि देश के गृहमंत्री ने भी एनआरसी के मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट तौर पर रख दी है. विनोद सिंह कटिहार से आते हैं और अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर उन्होंने आंदोलन किया है और जेल भी गए हैं. उन्होंने साफ़ किया की एनआरसी (NRC) किसी जाति या धर्म के खिलाफ़ नहीं है.

News - एनआरसी पर जेडीयू ने कहा- सहयोग केवल विकास के लिए, अन्य मुद्दों पर पुराने स्टैंड पर कायम
एनआरसी पर जेडीयू ने कहा- सहयोग केवल विकास के लिए, अन्य मुद्दों को लेकर पुराने स्टैंड पर कायम


जेडीयू ने कहा- सहयोग विकास के लिए
मंत्री विनोद सिंह के इस बयान पर को लेकर जेडीयू पर भी ये सवाल उठता है कि आखिर कैसे जेडीयू दावा कर रही है की एनआरसी (NRC) बिहार में लागू नहीं होगा. जब उनकी सहयोगी पार्टी बीजेपी के नेता खुले तौर पर इस तरह के बयान दे रहे हैं. जेडीयू के कई बड़े नेताओ ने साफ लहज़े में कहा है कि विवादित मुद्दों पर जेडीयू का स्टैंड जो पहले था वो आज भी है. इस मामले पर नीतीश मंत्रिमंडल के जेडीयू कोटे के मंत्री जय कुमार सिंह से पुछा गया तो उन्होंने साफ कर दिया कि सहयोग विकास के लिए है, विवादित मुद्दों के लिए नहीं. ऐसे मुद्दों को लेकर जेडीयू अपने पुराने स्टैंड पर कायम है.

विवादित मुद्दे उठाने का फायदा नहींज़ाहिर है एनआरसी सहित कुछ और विवादित मुद्दों को गर्माने का मतलब विरोधियों को भी पता है की इन मुद्दों से ध्रुवीकरण होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसका फ़ायदा बीजेपी को मिलता है. तभी तो विरोधी कहते हैं कि बीजेपी ऐसे मुद्दों पर पहले अपने सहयोगियों से तो निपट ले. कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा कहते हैं कि बीजेपी मुद्दों के अभाव में इस तरह के विवादित मुद्दे उठाने की तैयारी कर रही है. लेकिन इसका कोई फायदा नहीं है.

बिहार में विधानसभा चुनावों को एक साल से भी कम का वक़्त बचा है और बीजेपी सहित तमाम दल अपने अपने तरीकों से वोटरों को लुभाने की पुरी कोशिश करेंगे. बीजेपी इन मुद्दों के सहारे अपने वोटरों को मैसेज देने की कोशिश कर रही है वहीं जेडीयू सहित दूसरे तमाम विरोधी दल विरोध कर अपना स्टैड साफ कर रहे हैं. ज़ाहिर है कि तमाम राजनैतिक दल अपनी सियासी रोटी सेंकने की कोशिश कर रहे हैं अब ये जनता तय करेगी कि किसकी कोशिशें कितनी सफल हुई हैं.

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First published: November 12, 2019, 8:04 PM IST
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