इंतजार खत्म: बिहार के नियोजित शिक्षकों का जल्द होगा ट्रांसफर, इसी माह से लिए जाएंगे आवेदन

बिहार के शिक्षकों का इसी महीने से तबादला हो सकेगा (सांकेतिक चित्र)

बिहार के शिक्षकों का इसी महीने से तबादला हो सकेगा (सांकेतिक चित्र)

Bihar Teacher News: पिछले 15 साल से बिहार के नियोजित शिक्षक स्थानांतरण के इंतजार में हैं. सरकार का दावा है कि इसी माह 22 अप्रैल के बाद स्थानांतरण को लेकर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे .

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पटना. बिहार में राज्य के साढ़े 3 लाख नियोजित शिक्षकों (Bihar Teacher News) को ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि शिक्षा विभाग ने एनआईसी के सहयोग से ट्रांसफर प्रक्रिया (Bihar Teacher Transfer) के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने खुद स्थानांतरण पर लगे विराम पर ट्वीट के जरिये चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि जल्द शिक्षकों का स्थानांतरण और पदस्थापन हो सकेगा, हांलाकि स्थानांतरण में महिला और दिव्यांग शिक्षकों को ही पहले प्राथमिकता दी जाएगी ताकि बिना किसी दुविधा के वे अपनी सेवाएं दे सकेंगे.

शिक्षा विभाग की घोषणा के बाद भी पिछले एक साल से स्थानांतरण प्रक्रिया पर विराम लगी थी. विभाग के अधिकारी सॉफ्टवेयर डेवलप करने की बात कह रहे थे. नई सेवाशर्त नियमावली के तहत महिलाओं और दिव्यांगों को अपने सेवाकाल में एक बार अंतर जिला और अंतर नियोजन इकाई ट्रांसफर किया जाएगा. नियमावली में पुरुष शिक्षकों को म्युचुअल ट्रांसफर देने की बात कही गई है, हालांकि इस फैसले बाद प्राथमिक शिक्षक संघ ने काफी विरोध भी जताया था और म्युचुअल ट्रान्सफर के बदले समान नियम लागू करने की मांग की थी लेकिन विभाग अपने फैसले पर कायम रहा.

प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रणजीत कुमार सिंह की माने तो इसी माह 22 अप्रैल के बाद स्थानांतरण को लेकर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे और पूरी प्रक्रिया जून माह तक पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से शुरू होगी और कहीं से कोई गड़बड़ी सामने नहीं आएगी. इसको लेकर सभी अधिकारी खुद बारीकी से मॉनिटरिंग करेंगे.

पिछले 15 साल से बिहार के नियोजित शिक्षक स्थानांतरण के इंतजार में हैं, खासकर महिलाएं जो कि मायके में रहकर वर्षों से नौकरी कर रही हैं उन्हें सीधा ऐच्छिक स्थानांतरण का लाभ मिलेगा. शिक्षक नेता आनंद कौशल सिंह, मार्कण्डेय पाठक, अश्विनी पांडेय और आनंद मिश्रा अब भी सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और म्युचुअल स्थानांतरण को हटाकर सभी पुरुष शिक्षकों के लिए समान प्रकिया लागू करने की मांग कर रहे हैं, ऐसे में देखना होगा कि आखिर आवेदन लेने की प्रक्रिया कब तक शुरू हो पाती है और शिक्षकों की मुरादें कब पूरी होती है.
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