अब पटना से दिल्ली के लिए ट्रेन एंबुलेंस सेवा, ये हैं सुविधाएं

पटना से एयर एंबुलेंस सेवा देने वाली लाइफ लाइन एयर एंड ट्रेन एंबुलेंस एजेंसी ने यह सुविधा शुरू की है. सीट और सपोर्ट सिस्टम लगाने के लिए रेलवे की मदद ली गई है.

News18 Bihar
Updated: July 9, 2019, 5:43 PM IST
अब पटना से दिल्ली के लिए ट्रेन एंबुलेंस सेवा, ये हैं सुविधाएं
ट्रेन एंबुलेंस सर्विस (प्रतीकात्मक फोटो)
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Updated: July 9, 2019, 5:43 PM IST
बिहार वासियों के लिए एक खुशखबड़ी है. बिहार के मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की तरह अब ट्रेन एंबुलेंस की सुविधा शुरू की गई है. अभी यह सुविधा सिर्फ पटना से दिल्ली के लिए है. ट्रेन एंबुलेंस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस होती है. ट्रेन एंबुलेंस से दिल्ली जंक्शन पर उतरते ही मरीजों को सारी सुविधाएं दी जाती हैं. साथ ही जंक्शन से मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है. जंक्शन से अस्पताल तक की ट्रांस्पोर्टिंग सुविधा एक एजेंसी मुहैया कराती है.

राजधानी एक्सप्रेस में दी जाती है ट्रेन एंबुलेंस सेवा

जानकारी के मुताबिक, पटना से एयर एंबुलेंस सेवा देने वाली लाइफ लाइन एयर एंड ट्रेन एंबुलेंस एजेंसी ने यह सुविधा शुरू की है. सीट और सपोर्ट सिस्टम लगाने के लिए रेलवे की मदद ली गई है. एजेंसी के निदेशक शिवेक कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस के एसी-2 कोच की चार सीटों का इस्तेमाल ट्रेन एंबुलेंस के रूप में किया जाता है. इसमें एक डॉक्टर, एक नर्सिंग स्टाफ, मरीज और उसके परिजन रहते हैं. राजधानी एक्सप्रेस में बर्थ नहीं मिल पाने की स्थिति में संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में यह सुविधा दी जाती है.

अभी तक 100 से अधिक मरीजों पहुंचाया गया दिल्ली के अस्पतालों में

बता दें कि पटना से ट्रेन एंबुलेंस की शुरुआत हाल ही में हुई है. अभी तक 100 से अधिक मरीजों को नई दिल्ली के अस्पतालों में पहुंचाया जा चुका है. पटना के अस्पताल से निकालने से लेकर नई दिल्ली के अस्पताल तक पहुंचाने में औसत 14 घंटे से 15 घंटे लगते हैं. ट्रेन एंबुलेंस से मरीज को पटना से दिल्ली ले जाने का किराया 50 से 70 हजार रुपये के बीच रखा गया है. मरीज की हालत और उपकरणों की जरूरत के हिसाब से यह तय होता है. इसके लिए कई कागजात की जरूरत पड़ती है. इसमें मरीज के चल रहे इलाज की केस हिस्ट्री, आईडी प्रूफ आदि शामिल हैं

ये सुविधाएं उपलब्ध हैं

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  1. डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ, वेंटिलेटर, सी-पैप, वाई-पैप, इन्फ्यूजन, मॉनिटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, सेक्शन मशीन आदि.

  2. ट्रेन रुकी तो रोड एंबुलेंस की सेवा मुहैया कराई जाती है. कोहरे अथवा किसी अन्य घटना के कारण अगर यह ट्रेन नई दिल्ली के आसपास 40 किमी के क्षेत्र में घंटों रुक जाए तो रोड एंबुलेंस की मदद ली जाती है. यह सब दूरी और मरीज की स्थिति के अनुसार तय किया जाता. यदि ट्रेन गाजियाबाद अथवा इसके आसपास के आठ से 10 किलोमीटर तक की दूरी पर हो तो वहां से भी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया जाता है.

First published: July 9, 2019, 5:36 PM IST
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