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'चौकीदारों' को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब DM के बजाए SP का मानेंगे आदेश

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: December 10, 2019, 9:30 PM IST
'चौकीदारों' को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब DM के बजाए SP का मानेंगे आदेश
बिहार के चौकीदारों का लेकर सरकार ने लिया अहम फैसला.

बिहार सरकार (Bihar Government) के गृह विभाग ने चौकीदारों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है. राज्य सरकार ने चौकीदारों को जिला प्रशासन (District Administration) के नियंत्रण से हटाकर पुलिस के अधीन करने का आदेश दिया है.

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पटना. बिहार में ग्रामीण पुलिस के सबसे बड़े आधार चौकीदारों को लेकर बिहार सरकार (Bihar Government) के गृह विभाग ने महत्वपूर्ण फैसला किया है. गांवों में पुलिस प्रशासन के सबसे निचले, लेकिन महत्वपूर्ण पायदान पर तैनात चौकीदार (Watchman) अब हकीकत में पुलिस के अधीन होंगे. राज्य सरकार ने चौकीदारों को जिला प्रशासन (District Administration) के नियंत्रण से हटाकर पुलिस के अधीन करने का मन बना लिया है. सरकार के गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. दरअसल, चौकीदार काम तो पुलिस का करते हैं, लेकिन पुलिस (एसपी) का उन पर कोई नियंत्रण नहीं होता था.

अब तक डीएम के अधीन थे चौकीदार
बिहार में चौकीदार अब तक डीएम के अधीन थे. यही नहीं, उनकी नियुक्ति से लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई तक के अधिकार डीएम के पास थे, लेकिन नई व्यवस्था में अब यह सब बदल जाएगा. हालांकि चौकीदार की नियुक्ति तो डीएम के माध्यम से ही होगी, लेकिन उस पर नियंत्रण अब जिले के एसपी का होगा. हाल के दिनों में चौकीदारों को एसपी के नियंत्रण में लाने पर सहमति बनी थी और अब शासनादेश के बाद इसे अमलीजामा पहनाया गया है. चौकीदारों के पुलिस के नियंत्रण में आने के बाद उनका वेतन एसपी ऑफिस से जारी होगा. साथ ही एसपी प्रशासनिक कार्रवाई से लेकर उन्हें निलंबित तक कर सकेंगे. अभी चौकीदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को डीएम को पत्र लिखना होता था. जबकि निलंबन का फैसला अपने स्तर पर करते थे.

चौकीदारों का कर्तव्य

चौकीदारों को गांव में होने वाली हर एक घटना पर पैनी नजर रखनी पड़ती है और घटना की सूचना थाना के तत्काल देनी होती है. यही नहीं, हत्या और दूसरे गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस के मौके वारदात पर पहुंचने तक घटनास्थल को सुरक्षित रखना होता है. हत्या तक के मामलों में शव का अंतिम संस्कार कराना भी कई बार चौकीदारों के जिम्मे ही होता है. वहीं छापेमारी के दौरान पुलिस को रास्ता दिखाना और तय स्थान तक पहुंचाना भी चौकीदारों का अहम काम होता है.

चौकीदारों का इतिहास
उर्दू शब्द चौक (चौकी) और दार (रखवाला) को मिलाकर चौकीदार शब्द बना. माना जाता रहा है कि चौकीदार की भूमिका की शुरुआत प्राचीन काल से ही भारत में ही हो चुकी थी, लेकिन मुगल शासकों ने इसे एक सिस्टम के रूप में विकसित किया. मुगलों ने हर गांव में चौकीदारों की नियुक्ति की. इसके अलावा उनका वेतन और उनका काम तय किया गया. वैसे मुगलों के बाद अंग्रेजों ने भी चौकीदार परंपरा को बरकरार रखा. आजादी के बाद देश में आज भी ये परंपरा 72 से भी ज्यादा सालों से जारी है.ये भी पढ़ें-

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First published: December 10, 2019, 9:22 PM IST
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