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RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले- पूरे देश में लागू हो एनआरसी

News18 Bihar
Updated: October 23, 2019, 12:03 AM IST
RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले- पूरे देश में लागू हो एनआरसी
इंद्रेश कुमार ने बढ़ती जनसंख्या और जलवायु को लेकर भी अपनी राय रखी.

आरएसएस (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) ने कहा कि बिहार (Bihar) में आंदोलन होना चाहिए- एनआरसी फॉर ऑल.

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पटना. बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (Rashtriya Suraksha Jagran Manch) की ओर से एक संगोष्टी आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) मौजूद थे. एनआरसी (NRC), पीओके (POK) और बलूचिस्तान (Balochistan) की मुक्ति, बढ़ती जनसंख्या विकास के लिए चुनौती, जल जलवायु और बढ़ता प्रदूषण पर इंद्रेश कुमार ने खुल कर बात की. पटना के एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट (AN Sinha Institute of Social Studies) में आयोजित इस कार्यक्रम में बीजेपी नेता सीपी ठाकुर, संजय पासवान सहित कई अल्पसंख्यक नेता भी मौजूद रहे.

इंद्रेश कुमार ने कहा कि 15 अगस्त 1947 में भारत को आजादी भी मिली और बंटवारा भी हुआ. 1947 का प्रश्न ये है कि देश को आजादी किसने दिलाया और किसने बंटवारा कराया. उन्होंने कहा कांग्रेस आजादी के नाम पर शुरू हुई थी. कांग्रेस के नेताओं के हस्ताक्षर से भारत का विभाजन हुआ था. 70 के दशक में 60 लाख नेपाली को भी शरण भारत ने ही दिया. अब लोग कैसे कह सकते हैं कि भारत में दम घुटता है. वो लोग एबनॉर्मल है.

भारत से पाकिस्तान गए मुसलमानों की क्या है स्थिति
इंद्रेश कुमार ने कहा कि कट्टरपंथियों ने हमें भाषा, धर्म, प्रांत, जात, पार्टी के नाम पर इतना बांटा है. हमें सांप्रदायिक घोषित कर दिया. पाकिस्तान और बंग्लादेश के बंटवारे के बाद दो तरह के लोग भारत आए. एक शरणागती और दूसरा हमारे संसाधनों पर कब्जा करने के लिए. उन्हें पाकिस्तान में कोई खतरा नहीं था. बिहार और देश से 40 से 50 लाख मुसलमान पाकिस्तान गए थे. उन्होंने पाकिस्तानी बनने के लिए आंदोलन किया. पाकिस्तान ने उनके आंदोलन को कुचल दिया गया था. आज भी वो शरणार्थी भारत के पीएम को चिट्ठी लिखता है कि हमारे पूर्वजों की गलती से हम कहीं के नागरिक नहीं है. हमारे लिए भी कुछ कीजिए.

हमारे लोग बेरोजगार रह जाते हैं
आरएसएस नेता ने कहा जो घुसपैठिए हैं वो आकर यहां रोजगार करते हैं तो किसका रोजगार खत्म होता है. ये हिन्दू-मुस्लिम नहीं है वो घुसपैठ हैं. जो ये कहते हैं कि झंडे को सलाम नहीं करेंगे. उनसे ज्यादा मूर्ख कोई हो नहीं सकता है. जो अमेरिका के झंडे को सलाम और उनके गान को गाने से मुसलमान खतरे में नहीं आता है. लेकिन भारत के तिरंगे को सलाम करने से मुसलमान खतरे में कैसे आ सकता है. भारत के मुसलमान का तिरंगा को सलाम करने से इस्लाम खतरे में कैसे आ सकता है. कौन कहता है कि मदरसों में तिरंगा और राष्ट्रगान से इस्लाम खतरे में है. उन्हें मुख्यधारा में आना चाहिए.

तय होना चाहिए कि कौन भारतीय है
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इंद्रेश कुमार ने कहा कि एनआरसी सारे देश में क्यों लागू नहीं हो सकता है. तय हो जाना चाहिए कि 132 करोड़ में 128 करोड़ भारतीय है. 66 लाख बिहारी मुसलमान बेरोजगार है. एनआरसी का स्वागत करना चाहिए. एनआरसी एक बार तय कर दे कि कितने भारतीय हैं. बाकी जो बचेंगे उन्हें हम शरणार्थी के रूप में रख लेंगे.

जनसंख्या पर नियंत्रण हो
वहीं, इंद्रेश कुमार ने बढ़ती जनसंख्या और जलवायु को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि इन शरणार्थियों के कारण अलग से पॉपुलेशन है. जनसंख्या यूं ही बढ़ता रहेगा. तो हमारे पास मात्र 3.5 फीसदी नेचुरल रिसोर्स है. बाद में सभी राक्षस बन जाएंगे. क्योंकि हमारे पास रिसोर्स रहेगा ही नहीं. जनसंख्या के कारण ही गरीबी बढ़ रही, बेरोजगारी और अपराध बढ़ रहा है. जनसंख्या नियंत्रण के लिए देश में कानून बनना चाहिए.

एनआरसी फॉर ऑल
आरएसएस प्रचारक ने कहा कि बिहार में आंदोलन होना चाहिए- एनआरसी फॉर ऑल. जो आपको भड़का रहा है वो समझ लो कि आपका दुश्मन है. बिहार को एनआरसी और जनसंख्या को लेकर लिड करना चाहिए. कश्मीर पूरे देश के लिए खुलना चाहिए कि नहीं. कश्मीर के लोग पूरे देश आ जा सकते हैं. लेकिन हमलोग वहां क्यों नहीं जा सकते हैं. अब पूरे देश में एक देश एक निशान होगा. पीओके हमारा है और वो हमारा ही है. भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया तो लोग क्यों रो रहे हैं.

सावरकर को मिले भारत रत्न
सावरकर को भारतरत्न देने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस के परिवार में कोई भारत रत्न देने को नही रहा है. इस लिए वो विरोध कर रहे है.

(रिपोर्ट- बृजम पाण्डेय)

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First published: October 23, 2019, 12:00 AM IST
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