बिहार में अब हर साल उत्कृष्ट विधायक को मिलेगा सम्मान, कमेटी करेगी चयन

लोकसभा की तर्ज पर बिहार में हर साल दिया जायेगा उत्कृष्ट विधायक का पुरस्कार, स्पीकर विजय सिन्हा ने सदन में की घोषणा

लोकसभा की तर्ज पर बिहार में हर साल दिया जायेगा उत्कृष्ट विधायक का पुरस्कार, स्पीकर विजय सिन्हा ने सदन में की घोषणा

Bihar Politics: लोकसभा के अनुरूप पर बिहार विधानसभा के सदस्यों को उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने इसकी घोषणा शुक्रवार को सदन में की.

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पटना. सांसदों की तर्ज पर अब विधायक को भी उत्कृष्ट घोषित किया जाएगा. बिहार में पहली बार इसकी शुरुआत हो रही है. यानी अब हर साल उत्कृष्ट काम करने वाले विधायक का चयन होगा सर्वश्रेष्ठ विधायक चयन को लेकर एक कमेटी बनेगी. कमिटी की सिफारिश पर विधान सभा अध्यक्ष नाम का ऐलान करेंगे. शुक्रवार को सदन में प्रश्नोत्तर काल के  दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने इस नई पहल की घोषणा की.

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को सदन में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि उत्कृष्ट विधायकों को पुरस्कार दिया जाएगा. यह पुरस्कार हर वर्ष अलग-अलग विधायकों को दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि चयन समिति उत्कृष्ट विधायक का नाम तय करेगी. लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा में भी उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है. इस पुरस्कार के तहत उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.

विजय सिन्हा बे बताया कि एक बार यदि किसी विधायक को पुरस्कार मिल गया तो अगले साल उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा. विधानसभा अध्यक्ष सदन ने बताया कि जल्द ही विधायकों से इस संबंध में राय ली जाएगी और उस पर विचार होगा. उन्होंने कहा कि लोकसभा में उत्कृष्ट सांसद चुने जाने की पुरानी परिपाटी रही है, लेकिन बिहार विधानसभा में ऐसा अब तक नहीं हुआ है. इसलिए  सबके सहयोग से विधानसभा के माननीय सदस्यों में से बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसी एक सदस्य को हर वर्ष उत्कृष्ट विधायक का सम्मान दिया जाएगा. बता दें कि झारखंड में 2001 से और उत्तराखंड में 2008 से ही हर साल उत्कृष्ट विधायक चुने जाते हैं.

मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा घोषणा करने के बाद अब जल्द ही एक नई कमिटी बनेगी और उस कमेटी में सदन के वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे जो हर वर्ष उत्कृष्ट विधायक चुनेंगे. बता दें कि हाल के वर्षों में सत्र के दौरान सदन में हंगामा बढ़ता जा रहा है. हंगामे के दौरान विधायी कार्य प्रभावित होता है और सदन की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है. उम्‍मीद की जा रही है कि पुरस्कार की घोषणा से विधायक अपने आचरण में बदाव लाएंगे.
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