मानसून सत्र: बिखरे विपक्ष ने नीतीश सरकार को दिया 'वॉकओवर'!

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में 21 दिन तक चली कार्यवाहियों में जहां सरकार ने कई विधायी कार्यों को अंजाम तक पहुंचाया, वहीं विपक्ष न तो अपनी एकजुटता दिखा पाया और न ही वह सही भूमिका निभा पाया.

News18 Bihar
Updated: July 26, 2019, 4:09 PM IST
मानसून सत्र: बिखरे विपक्ष ने नीतीश सरकार को दिया 'वॉकओवर'!
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सम्पन्न
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Updated: July 26, 2019, 4:09 PM IST
किसी भी खेल में एक टर्म बड़ा मशहूर है- वॉकओवर. जब कोई टीम या खिलाड़ी किसी दूसरी टीम या खिलाड़ी को बिना खेले ही आगे के राउंड में जाने का मौका दे दे तो इसे वॉकओवर कहते हैं. बिहार की सियासत में भी ये टर्म बड़ा मशहूर हो गया है. दरअसल पूरे मानसून सत्र के दौरान जिस तरह से विपक्ष की एकजुटता और उसकी भूमिका रही, इसे एक तरह से सरकार के लिए वॉकओवर माना जा रहा है.

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में 21 दिन तक चली कार्यवाहियों में जहां सरकार ने कई विधायी कार्यों को अंजाम तक पहुंचाया, वहीं विपक्ष न तो अपनी एकजुटता दिखा पाया और न ही वह सही भूमिका निभा पाया. आलम ये रहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 4 जुलाई और 9 जुलाई को महज आधे-आधे घंटे के लिए विधानसभा पहुंचे थे. जाहिर है तेजस्वी के नदारद रहने के कारण विपक्ष बिपक्ष बिखरा-बिखरा रहा.

बाढ़ का मुद्दा उठाने में विफल रहा विपक्ष
एक बार फिर बिहार प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है और 12 जिलों में बाढ़ का जबरदस्त प्रकोप है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 69 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और सरकार ने 123 मौत की पुष्टि कर दी है. हजारों लोग पलायन को मजबूर हैं, लेकिन विपक्ष इस गंभीर मुद्दे पर भी सरकार को नहीं घेर पाया और वाकओवर दे दिया.

चमकी बुखार में नहीं सुलझा मुद्दा
जून महीने में चमकी बुखार ने प्रदेश में 180 से अधिक बच्चों की जान ले ली. कई मामलों में बिहार सरकार इसे संभाल पाने में नाकाम रही. जाहिर है नीतीश सरकार बैकफुट पर थी, लेकिन विपक्ष इस पर विधानमंडल में हंगामा करने के सिवा कुछ नहीं कर पाया. आरजेडी ने इस दौरान अपना एक प्रतिनिधिमंडल मुजफ्फरपुर जरूर भेजा, लेकिन तेजस्वी की अनुपस्थिति के कारम वह भी असर नहीं डाल पाया.

लॉ एंड ऑर्डर पर तेजस्वी की चुप्पी
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बिहार में लगातार अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. सीएम नीतीश कुमार ने भी सदन के सामने माना है कि बीते छह महीने में हत्या के मामलों में वृद्धि हुई है. वहीं, लूट की वारदातों ने बिहार में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. यह मुद्दा ऐसा है जो जनता से सीधे जुड़ता है, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे को एक दो बार उठाने की कोशिश कर इसे छोड़ दिया.

राजनीतिक जानकारों की मानें तो शिक्षकों के समान-काम, समान वेतनमान और रोजगार जैसे कई मुद्दे थे, जिस पर विपक्ष अगर काम करता तो लोकसभा चुनाव में करारी हार की क्षतिपूर्ति करने की ओर आगे बढ़ सकता था. लेकिन, विपक्ष ने न सिर्फ खुद को कमजोर साबित किया बल्कि नीतीश सरकार को वॉकओवर दे दिया.

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First published: July 26, 2019, 3:26 PM IST
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