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पटना : मर्डर केस में 8 साल से फरार IPS अधिकारी को 7 दिन में हाजिर होने का आदेश

गृह विभाग ने आदेश दिया है कि अरशद जमां पुलिस महानिरीक्षक आधुनिकीकरण के कार्यालय में 7 कार्य दिवस के अंदर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें.

गृह विभाग ने आदेश दिया है कि अरशद जमां पुलिस महानिरीक्षक आधुनिकीकरण के कार्यालय में 7 कार्य दिवस के अंदर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें.

पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक अरशद जमां ने कोतवाली थाने की कस्टडी में रहे एक अभियुक्त की पिटाई कर उसकी हत्या कर दी थी. जमां के खिलाफ 2013 में ही कोतवाली थाना में IPC की धारा 302, 342, 201 और भादवि 34 के अंतर्गत FIR दर्ज है.

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पटना. हत्या के आरोप में पिछले 8 साल से फरार चल रहे बिहार के एक IPS अधिकारी को सात दिन के अंदर हाजिर होने का आदेश सरकार ने जारी किया है. आरोपी IPS अधिकारी का नाम अरशद जमां है. इनके खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में 2013 में हत्या का केस दर्ज किया गया था. आरोप के मुताबिक, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली थाने की अभिरक्षा में रहे एक अभियुक्त की पिटाई कर उसकी हत्या कर दी थी. जमां के खिलाफ 2013 में ही कोतवाली थाना में IPC की धारा 302, 342, 201 और भादवि 34 के अंतर्गत FIR दर्ज की गई थी, जिसका नंबर 503/03 है. इस मामले में आरोपपत्र भी समर्पित है. इस केस में पुलिस अधीक्षक के खिलाफ वारंट निर्गत है. पुलिस अधीक्षक इस केस में फरार चल रहे हैं. 8 साल से फरार आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अब सरकार कार्रवाई में जुट गई है.

कोतवाली थाने में दर्ज है केस

बिहार सरकार ने 30 जून 2013 से कर्तव्य से अनुपस्थिति को सामान्य अनुपस्थिति नहीं माना है. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 जुलाई 2021 को बैठक हुई थी. बैठक में कमेटी ने यह निर्णय किया कि अरशद जमां वरीय पुलिस अधीक्षक 30 जून 2013 से अनुपस्थित हैं. हिरासत में रहे अभियुक्त को यातना देकर हत्या करने के आरोप में कोतवाली थाने में कांड संख्या 503/03 दर्ज है. इनके खिलाफ न्यायालय से वारंट निर्गत है और वे उस कांड में फरार चल रहे हैं.

7 दिनों का समय

गृह विभाग ने कहा है कि 30 जून 2013 से कर्तव्य की अनुपस्थिति को सामान्य अनुपस्थिति नहीं माना जा सकता. अरशद जमां का यह आचरण अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, मनमाना और सरकार के आदेश की अवहेलना का द्योतक है. यह एक वरीय पुलिस पदाधिकारी कि आचरण के प्रतिकूल है. विभागीय समीक्षा में आईपीएस अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के संबंध में तथ्यों का विस्तृत विश्लेषण करने के लिए जांच प्राधिकार की नियुक्ति की गई है. ताकि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की जा सके. विभागीय कार्यवाही संचालन के लिए पुलिस महानिरीक्षक आधुनिकीकरण के एस अनुपम को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. अपराध अनुसंधान विभाग के पुलिस उपाधीक्षक अभिजीत कुमार सिंह को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है. गृह विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि अरशद जमां पुलिस महानिरीक्षक आधुनिकीकरण के कार्यालय में 7 कार्य दिवस के अंदर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें.

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