बिहार: पप्पू यादव ने की 'कोरोना गणना' करवाने की अपील, राहुल, ममता, शरद व उद्धव सहित कई नेताओं से मांगा समर्थन

पप्पू यादव (फाइल फोटो)

पप्पू यादव (फाइल फोटो)

Bihar News: पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का कहना है कोरोना से देश में करीब 42 लाख लोग मरे हैं जबकि सरकार 3 लाख बता रही है.

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रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार

पटना. पटना एम्स के चिकित्सक डॉ प्रदीप की इलाज के दौरान मौत हो गई है. इसके साथ ही बिहार में कोरोना से मरने वाले डॉक्टरों की संख्या 80 के पार पहुंच गई है. इसी के साथ ही बिहार में कोरोना से कुल मौत का सरकारी आंकड़ा 5000 के निकट पहुंच गया है. वहीं, पूरे देश में यह आंकड़ा तीन लाख बताई जा रही है. हालांकि माना जा रहा है कि मृतकों की संख्या सरकार के बताए गए आंकड़े से बहुत अधिक हैं. कोरोना महामारी की तबाही के बीच लगातार विपक्ष देश की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर कोविड से मरने वाले लोगों के आंकड़े छुपाने का आरोप लगा रही है. लेकिन इसी बीच पूर्व सांसद और जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने देश की वर्त्तमान स्थिति में जनगणना की जगह कोरोना गणना करवाने की मांग के लिए देश की तमाम विपक्षी पार्टीयों से आग्रह किया है.

पप्पू यादव ने ट्वीट कर इस मसले पर प्रदेश की विपक्षी पार्टियों से समर्थन मांगा है. उन्होंने कहा कि आंकड़ों की चालबाजी से भयंकर परिणाम सामने आएंगे. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, एनसीपी चीफ शरद पवार, टीएमसी चीफ व पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, मनसे चीफ व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, सीपीआई के सीताराम येचुरी, डीएमके चीफ व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, सपा चीफ अखिलेश यादव, बसपा चीफ मायावती, सीपीआई एमएल चीफ दीपांकर भट्टाचार्य, आप चीफ व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमार स्वामी को टैग करते हुए इस राष्ट्रीय अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है.

पप्पू यादव के ट्वीट का स्क्रीन शॉट

पप्पू यादव ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए विपक्ष के नेताओं से अपील की है कि आज देश में जनगणना से अधिक जरूरत कोरोना गणना की है. उन्होंने कहा है कि भारत अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है. आज़ादी के बाद सरकार द्वारा आमंत्रित यह सबसे भीषण आपदा है. न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कोरोना से देश में करीब 42 लाख लोग मारे गए हैं जबकि सरकार 3 लाख बता रही है. पूर्व सांसद ने आगे लिखा है कि सही आंकड़ा नहीं आने एवं पीड़ित परिवारों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने के बहुत भयंकर परिणाम होंगे. कोरोना काल के बाद इसका व्यापक असर दिखेगा.

उन्होंने कहा कि अगर सरकार कोरोना गणना को तैयार नहीं है तो सभी विपक्षी दल गांव-गांव अपने कार्यकर्ताओं से कोरोना गणना करवाएं. सच को सामने लाएं. पप्पू यादव ने कहा कि कोरोना से मृत हर व्यक्ति के परिवार को चार-चार लाख रु की अविलंब मदद अत्यंत आवश्यक है. उसके बाद उनके पुनर्वास की परियोजना बने. अपनी छवि बचाने के लिए सरकार सच्चाई सामने नहीं आने देगी तो आप आगे आएं. हालांकि उन्होंने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा- जो दफन लाश पर से रामनामी खींच लेती है तो उससे क्या अपेक्षा?

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