लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में भी फेल हुए पप्‍पू, तीसरे नंबर से करना पड़ा संतोष

बिहार चुनाव 2020
बिहार चुनाव 2020

Bihar Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटें, महागठबंधन को 110 सीटें, एलजेपी को 1 सीट मिली है, जबकि अन्य के खाते में 7 सीटें गई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 11:46 AM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Elections 2020) के नतीजे देर रात तक चली मतगणना के बाद आखिरकार जारी कर दिए गए. NDA को पूर्ण बहुमत मिला है. हालांकि, इस बार भाजपा (BJP) को JDU से ज्‍यादा सीटें मिली हैं. इसके बावजूद बीजेपी का कहना है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे. इन सबके बीच इस चुनाव में कई ऐसे नाम रहे जिनकी सीट पर सभी की नजरें टिकी हुई थीं. इस बार के विधानसभा के चुनाव में जन अधिकार पार्टी (JAP) के अध्यक्ष और प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन (PDA) की और से सीएम का चेहरा राजेश रंजन यादव उर्फ पप्पू यादव को सिर्फ 26,462 वोट मिले.

मधेपुरा की सीट पर जहां एक तरफ पप्पू यादव को हार का मुंह देखना पड़ा, वहीं उनकी पार्टी को भी बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा. जिसके बाद उन्होंने इसका ठीकरा EVM पर फोड़ दिया. इस सीट पर आरजेडी के चंद्रशेखर ने जीत दर्ज की है. इससे पहले लोकसभा चुनाव में भी पप्पू यादव को हार का सामना करना पड़ा था. लोकसभा चुनाव में भी पप्पू यादव तीसरे नंबर पर रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अपना सारा ध्यान पार्टी और जाप के उम्मीदवारों पर लगा दिया.

कोरोनाकाल में प्रवासी मजदूरों से लेकर हर जरूरतमंद की मदद के लिए दिन रात एक करने वाले पप्पू यादव के लिए यह चुनाव काफी खास था. कई दलों के साथ मिलकर प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिव एलायंस बनाकर उन्होंने इस बार के विधानसभा चुनाव में बाकायदा घोषणा पत्र भी जारी किया था. लेकिन चुनावी नतीजों ने पप्पू यादव को अंत में निराश कर दिया. अपने घोषणा पत्र में पप्पू यादव ने कहा कि यदि हम सत्ता में आते हैं तो हमारी सरकार गरीब के घर में जन्म लेने वाली बेटी के नाम पर बैंक में एक लाख का फिक्स डिपॉजिट कराएगी. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकारी नौकरी में 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी.



समतामूलक समाज का निर्माण...
उन्होंने अपने घोषणा पत्र में कहा कि हमारी प्रतिज्ञा रोजगार और गरीबों को सम्मान देने की है. हम जाति-धर्म के भेदभाव को खत्म कर समतामूलक समाज का निर्माण करेंगे. सरकार में आने के दो साल के भीतर सभी गरीब परिवारों को एक बीएचके फ्लैट देंगे. युवाओं को बिना ब्याज का 10 लाख तक का ऋण दिया जाएगा ताकि वे अपना खुद का व्यापर शुरू कर सकें. जब तक युवाओं को कम से कम 20,000 रुपये की नौकरी नहीं मिल जाएगी, तब तक हमारी सरकार हर युवा को 6,000 रुपये देगी.

इन सब वादों के बाद भी जनता ने उन्हें तीसरे नंबर पर पहुंचा दिया. पप्पू यादव 1990 में पहली बार विधायक चुने गए थे जिसके बाद वह सांसद के बने थे. इस बार उनकी पार्टी बिहार में न तो एनडीए और ना ही महागठबंधन का हिस्सा थी.

पीएम नरेंद्र मोदी को मिल रहा जीत का श्रेय
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटें, महागठबंधन को 110 सीटें, एलजेपी को 1 सीट मिली है, जबकि अन्य के खाते में 7 सीटें गई हैं. बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार ने साबित कर दिया कि उनका सुशासन बिहार की जनता की पहली पसंद है और वहां के लोग अभी भी उनपर भरोसा करते हैं.

हालांकि इस चुनाव को पूरी तरह से नीतीश कुमार के पक्ष में करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से बिहार में चुनावी रैलियां की उसके बाद से एनडीए पर बिहार की जनता का भरोसा बढ़ा.
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