बाढ़ प्रबंधन के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये जेब में डालने का होता है प्रबंध: पप्पू यादव
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बाढ़ प्रबंधन के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये जेब में डालने का होता है प्रबंध: पप्पू यादव
पूर्व सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा

राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने कहा कि हर साल सरकार दावा करती है कि इस बार बांध (Dam) नहीं टूटेगी. लेकिन हर साल 10-12 बांध टूट जाती हैं. फिर उनकी मरम्मत के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार (Corruption) होता है.

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पटना. जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने गोपालगंज जिले का दौरा कर बाढ़ (Flood) की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान पूर्व सांसद टूटे हुए सत्तरघाट पुल (Sattarghat Bridge) पर भी पहुंचे और वहां ग्रामीणों से बात की. उन्होंने कहा कि 264 करोड़ रुपए से बना पुल एक महीने में ही ध्वस्त हो गया. यह दर्शाता है कि इस सरकार में भ्रष्टाचार कितना व्याप्त है.

पूर्व सांसद ने कहा कि सूबे की जो नदियां पहले वरदान थी, वे अब अभिशाप बन गई हैं. सरकार ने आम जनता को बाढ़ की विभीषिका के बीच छोड़ दिया है. लोगों के पास राशन नहीं हैं. इसकी चिंता किसी को नहीं है. बाढ़ अब गरीबी और बीमारी का मुख्य कारण बन गया है. हर साल जनता के अरबों रुपये बाढ़ प्रबंधन पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन लोगों को राहत नहीं मिलता. आम आदमी को उसके हाल पर छोड़ सत्तापक्ष के नेता घर में बंद हैं.

'हर साल करोड़ों का होता है भ्रष्टाचार' 



राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि हर वर्ष सरकार बोलती है कि इस बार बांध नहीं टूटेगी. लेकिन हर साल 10-12 बांध टूट जाती हैं. फिर उनकी मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपए जारी किए जाते हैं और इसे भ्रष्ट नेता और अधिकारी अपनी जेब में रख लेते हैं.
'सिंचाई विभाग के कामकाज की होनी चाहिए जांच' 

सिंचाई विभाग के मंत्रियों और अधिकारियों के कार्यों की जांच की मांग करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मंत्रियों और इंजीनियरों के कार्यों की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए ताकि पता चल सके कि बिहार की जनता का अरबों रुपया किस पानी में डूब गया.
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