बिहार में 'मुर्दा' पहुंचा अपने बैंक खाते से जमा पैसा लेने, कर्मचारियों के बीच मची अफरा-तफरी

लगभग तीन घंटे तक केनरा बैंक में शव पड़ा रहा जिससे यहां अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. बाद में इसकी सूचना मिलने पर शाहजहांपुर पुलिस मौके पर पहुंची

लगभग तीन घंटे तक केनरा बैंक में शव पड़ा रहा जिससे यहां अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. बाद में इसकी सूचना मिलने पर शाहजहांपुर पुलिस मौके पर पहुंची

महेश यादव की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों ने बैंक से उनके खाते में जमा पैसों की मांग की. लेकिन बैंक प्रबंधन ने आपत्ति जताते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक व्यक्ति के शव को बैंक के अंदर लाकर रख दिया

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 5, 2021, 11:36 PM IST
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पटना. कहते हैं कि इंसान मरने के बाद अपना सबकुछ इसी दुनिया में छोड़ जाता है, वो खाली हाथ आता है और खाली हाथ अलविदा कह जाता है. मगर बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) में एक मुर्दा अपना पैसा लेने बैंक पहुंच गया. यह पढ़कर आप चौंक गए होंगे, लेकिन यह अजीबोगरीब घटना पटना जिले के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिगरियावा की है. मंगलवार को यहां केनरा बैंक की शाखा (Canara Bank Branch) में ग्रामीण महेश यादव नाम के व्यक्ति का शव (Dead Body In Bank) लेकर उसके खाते में जमा रकम की मांग करने पहुंचे.

दरअसल सिंगारियावा गांव के रहने वाले 55 वर्षीय महेश यादव की मंगलवार को बीमारी से मौत हो गई थी. महेश की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों ने बैंक से उनके खाते में जमा पैसों की मांग की. लेकिन बैंक प्रबंधन ने आपत्ति जताते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने महेश यादव के शव को बैंक के अंदर लाकर रख दिया. लगभग तीन घंटे तक बैंक में शव पड़ा रहा जिससे यहां अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. बाद में इसकी सूचना मिलने पर शाहजहांपुर पुलिस मौके पर पहुंची.

मृतक खाता धारक ने किसी को नहीं बनाया था नॉमिनी

आखिरकार शाखा प्रबंधक ने अपनी ओर से 10 हजार रुपए दिए तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और वो महेश यादव का शव लेकर उसकी अंत्येष्टि के लिए रवाना हुए. बताया जा रहा है कि महेश यादव ने शादी नहीं की थी, और उनका कोई वारिस और सगा-संबंधी नहीं था. केनरा बैंक में उसके खाते में एक लाख 18 हजार रुपए जमा हैं, लेकिन चूंकि उसने बैंक के कागजात में किसी को अपना नॉमिनी नहीं बनाया था. इस वजह से शाखा प्रबंधक पैसा देने से इनकार कर रहे थे. यहां तक कि महेश यादव ने जरूरी अपना केवाईसी भी नहीं करवाया था.
बैंक के शाखा प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि भविष्य में महेश यादव के संबंधी या कोई वारिस के उपस्थित होने और उनके द्वारा संबंधित कागजात प्रस्तुत किए जाने पर इस आलोक में उचित कार्रवाई की जाएगी.
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