• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • Bihar News: दरभंगा एयरपोर्ट के आगे पछाड़ क्यों खा रहा पटना एयरपोर्ट?

Bihar News: दरभंगा एयरपोर्ट के आगे पछाड़ क्यों खा रहा पटना एयरपोर्ट?

पटना एयरपोर्ट से कई मायनों में आगे निकला दरभंगा एयरपोर्ट. (फाइल फोटो)

पटना एयरपोर्ट से कई मायनों में आगे निकला दरभंगा एयरपोर्ट. (फाइल फोटो)

Patna- Darbhanga Airport News: बिहार में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पटना और दरभंगा हवाई अड्डा से उड़ान भर रहे हैं. पटना हवाई अड्डे से फिलहाल लगभग 55 हवाई जहाज का रोजना आना-जाना है, वहीं दरभंगा में लागभग 10 से 12 हवाई जहाज का आगमन व प्रस्थान है.

  • Share this:

पटना. राजधानी पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा की गिनती देश भर के खतरनाक हवाई अड्डे के रूप में की जाती है. इसके विस्तारीकरण और रनवे की लंबाई बढ़ाने को लेकर पिछले कई वर्षों से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक पटना हवाई अड्डे का कायाकल्प नहीं हो सका है. दूसरी ओर डेढ़ साल पहले बने दरभंगा एयरपोर्ट रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है. सरकार का दावा है कि हवाई अड्डे के विस्तारीकरण और रनवे की लंबाई बढ़ाने पर काम किया जा रहा है और जल्द ही समस्या का निपटारा कर लिया जाएगा.

बता दें कि पटना हवाई अड्डे पर खतरा हमेशा बरकरार रहता है. कभी बर्ड हिट के मामले सामने आते हैं तो कभी रनवे छोटा होने के कारण टेक ऑफ और लैंडिंग में परेशानी. पटना एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई मात्र 65 सौ फीट है. ऐसे में विमानों के उतरने के दौरान एक पल के लिए भी पायलटों के पलक झपकी तो बड़ा हादसा हो सकता है. खतरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटना के रनवे पर विमानों के उतरने के बाद ब्रेक इतनी जोर से लगता है कि विमान में बैठे यात्रियों तक पहियों की थरथराहट का साफ असर होता है. दूसरा सबसे बड़ा खतरा परिसर का छोटा होना है.

बिहार में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पटना और दरभंगा हवाई अड्डा से उड़ान भर रहे हैं. पटना हवाई अड्डे से फिलहाल लगभग 55 हवाई जहाज का रोजना आना-जाना है, वहीं दरभंगा में लागभग 10 से 12 हवाई जहाज का आगमन व प्रस्थान है. बिहार सरकार के कैबिनेट विभाग एक अपर मुख्यसचिव संजय कुमार का कहना है कि दरभंगा हवाई अड्डे के लिए सरकार ने पटना हवाई पर आइसोलेशन वे और नया रडार लगाने के लिए 16.5 एकड़ जमीन दी गई है. साथ ही पैरलर टैक्सी स्टैंड के लिए जमीन की उपलब्धता पर विचार की जा रही है. वहीं बिहार सरकार ने बिहटा में हवाई अड्डा निर्माण के लिए 101 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है और उसे एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को ट्रांसफर भी कर दिया गया है.

पटना हवाई अड्डा की चुनौतियां कम नहीं है. एयरपोर्ट से सटे सचिवालय , पटना, जू और फुलवारीशरीफ इलाके में निर्धारित मानकों से ज्यादा ऊंचाई पर कई मकान बने हैं. पटना एयरपोर्ट ने कई बार इस मामले में स्स्थानीय प्रशासन को पत्र व्यवहार किया है, लेकिन इन मकानों पर कार्रवाई न के बराबर हुई है. ऐसे में अगर विमानों को किसी कारण से हवा में चक्कर लगाना पड़े तो सामने भारी खतरा होता है. हवाई अड्डे पर सुरक्षा को लेकर पटना कमिश्नर संजय अग्रवाल का कहना है कि सुरक्षा को लेकर के कई स्तर पर समीक्षा की जाती रही है. इसी का नतीजा है कि बड़ी संख्या में हवाई जहाज का आना-जाना हो रहा है.

हवाई अड्डे पर सुविधाओं को बरकरार रखने के लिए पर्यावरण कमेटी बनाई गई है, जिसमें कई प्रकार की समस्याओं पर चर्चा होती है. इसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी और सरकार से समन्वय बनाकर काम किया जाता है. दूसरी ओर पटना एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में काम जारी है लेकिन रनवे विस्तार की योजना अभी भी ठंडे बस्ते में है. एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा पिछले दो वर्षों में अलग अलग प्रस्ताव भेजे गए जिसपर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है. जाड़े में विजिबिलिटी की समस्या होने पर दर्जनों विमान रद्द कर दिए जाते हैं.

हाल के महीनों में विजिबिलिटी ठीक करने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने कुछ विशेष लाइटें रनवे की ओर लगाईं हैं जिससे 720 मीटर की विजिबिलिटी होने पर भी विमान आसानी से उतर सकें. हालांकि, इन्हें 420 मीटर की न्यूनतम विजिबिलिटी तक ले आने की योजना भी है. पटना एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का काम अगस्त 2022 तक पूरा किया जाना है जिसके लिए  12सौ कोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जान है.  इससे संरक्षा पर विशेष असर न पड़कर सुविधाओं की बढ़ोतरी पर असर पड़ेगा. सिविल एविएशन के जानकारों का कहना है कि सबसे ज्यादा जरूरी काम रनवे को बड़ा करना है. सरकार को रनवे की दिशा बदलने पर भी विचार करनी चाहिए.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज