पटना : सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग - खान सर हैं कि अमित सिंह? रहस्य बरकरार, बहस जारी

इनकी पहचान को लेकर जारी है विवाद कि ये खान सर हैं या अमित सिंह.

इनकी पहचान को लेकर जारी है विवाद कि ये खान सर हैं या अमित सिंह.

खान सर को लेकर 'रिपोर्ट ऑन खान सर' और 'फेक खान सर' जैसे कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं. साथ ही उनके कुछ वीडियोज के क्लिप्स भी शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें अमित सिंह बताया जा रहा है.

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पटना. अपने खास अंदाज से मशहूर पटना के खान रिसर्च सेंटर के संचालक 'खान सर' सोशल मीडिया पर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. इस बार सुर्खियां उनके अंदाज को लेकर नहीं बल्कि उनके अमित सिंह से खान सर बनने की कहानी से है. सोशल मीडिया पर कोई उन्हें संघी बता रहा है तो कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक. खान सर को लेकर 'रिपोर्ट ऑन खान सर' और 'फेक खान सर' जैसे कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं. साथ ही उनके कुछ वीडियोज के क्लिप्स भी शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें अमित सिंह बताया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर इतिहास, भूगोल से लेकर हिंदी, केमिस्ट्री और फिजिक्स तक के सवालों का बेधड़क जवाब देनेवाले खान सर के यूट्यूब चैनल के 92.7 लाख सब्सक्राइबर्स हैं. पर अब कुछ दिनों पहले खान सर की ओर से एक टिप्पणी किए जाने के बाद माहौल थोड़ा गर्म है और टीपू सुल्तान पार्टी ने खान सर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि हमें नहीं पता कि ये व्यक्ति मुस्लिम है भी या नहीं. लेकिन यह निश्चित रूप से एक संघी है. इस ट्वीट की रिप्लाई में सलीम शेख ने कहा कि यह मुस्लिम नहीं हो सकता. वहीं किसी ने इन्हें संघी खान बताया तो किसी ने दावा किया कि उनका असली नाम अमित सिंह है और उनकी अकादमी के छात्रों ने उन्हें 'खान सर' का नाम दे दिया है.

इस बीच राहुल मिश्रा नामक यूजर ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें खान सर कहते दिख रहे हैं कि मोदी जी मैं आपको गारंटी देता हूं कि आपको हराने वाला कोई होगा ही नहीं, जब तक कि मुस्लिम लोग आपको गाली देना नहीं छोड़ेंगे. वहीं उसने साजिद रशीदी, शोएब जमाई और अंसार रजा जैसों के लिए कुछ दिनों पहले 'बकलोल' शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इन्हें हिन्दुओं और मोदी को गाली देने के लिए पैसे मिलते हैं.

हालाकि जानकार यह भी बताते हैं कि खान सर का बकलोल तकिया कलाम है. वहीं लगातार एक धर्म विशेष के लोग इनका विरोध कर रहे हैं. मोहम्मद समीर विंधानी ने खान सर को ‘फेक मुस्लिम’ बताते हुए लिखा कि उनका असली नाम अमित सिंह है. इसके लिए उसने खान सर के एक कथित इंटरव्यू का टेक्स्ट शेयर किया, जिसमें लिखा है कि एक बैच में उन्हें फैज़ल खान नाम दे दिया, वरना पहले लोग उन्हें अमित सिंह कहते थे.
फेसबुक पर एक यूजर द्वारा शेयर किए गए वीडियो में खान सर कहते दिख रहे हैं कि पहली बार जब एक कोचिंग में गए तो वहां लड़के नहीं थे, लेकिन उनके पढ़ाने के बाद लड़के इतने बढ़ गए कि कोचिंग वालों के भीतर डर बैठ गया कि ये लड़के उनके पीछे न चले जाएं, इसीलिए उन्होंने नाम व नंबर जारी न करने की शर्त रखते हुए उन्हें खान सर नाम दे दिया. थनोस नामक यूजर ने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नकवी को ओल्ड वैरिएंट तो खान सर की तस्वीर शेयर करते हुए ‘न्यू वैरिएंट' लिखा.

एक वीडियो में खान सर ने मुस्लिम मुल्कों के संगठन OIC के लिए ‘मदरसा छाप’ शब्द का प्रयोग किया. एक ट्विटर यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए तंज कसा कि क्या उनके खिलाफ FIR होगी? एक ट्विटर यूजर ने दावा किया कि खान सर आतंकवाद के खिलाफ हैं, इसीलिए मुस्लिम समाज के लोग उनका विरोध कर रहे हैं. हालांकि, इस दौरान कई लोग खान सर के समर्थन में भी सामने आए और उनके पढ़ाने के अंदाज और रिसर्च की तारीफ की.

बताते चलूं कि खान सर ने 24 अप्रैल को फ्रांस-पाकिस्तान के संबंधों पर एक वीडियो डाला था. इस वीडियो में उन्होंने एक जगह जिक्र किया था कि पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत को वापस भेजने को लेकर व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और बच्चे भी इन विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान उन्होंने जो टिप्पणी की वही बवाल का कारण बन गई है. उन्होंने कहा था 'ई रैली में ये बेचारा बचवा है. इसको क्या पता कि राजदूत क्या चीज होता है, कोई पता नहीं है लेकिन फ्रांस के राजदूत को बाहर ले जाएंगे. इनको कुछ पता नहीं है, बाबू लोग, तुम लोग पढ़ लो, अब्बा के कहने पर मत आओ. अब्बा तो पचंर लगाते ही रहे हैं. ऐसा ही तुम लोग भी करेगा तो बड़ा होकर तुम लोग भी पंचर साटेगा. तो पंचर मत साटो वरना तुमको तो पता ही है कि कुछ नहीं होगा तो चौराहा पर बैठकर मीट काटेगा. तुम जाओ बकलोल कहीं के. बताइए, ये उमर है बच्चों को यहां पर लाने का?

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