कोरोना काल में सावधानी से मनाएं छठ, बिहार सरकार ने पर्व को लेकर जारी की गाइडलाइन

घाटों के किनारे छठ पूजा करती महिलाएं (फाइल फोटो)
घाटों के किनारे छठ पूजा करती महिलाएं (फाइल फोटो)

बिहार सरकार (Bihar Government) द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वो लगातार लोगों से अपील करें कि वो इस बार घाटों पर न जाकर अपने घरों में ही छठ पर्व (Chhath Festival 2020) मनाएं. इसके बावजूद भी यदि श्रद्धालु तालाब या घाटों पर छठ मनाने आते हैं तो सख्ती से कोविड-19 गाइडलाइन (Covid-19 Guideline) का पालन करें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 15, 2020, 10:11 PM IST
  • Share this:
पटना. तीन दिन बाद बिहार का सबसे बड़ा पर्व छठ (Chhath 2020) है. मगर कोरोना काल (Covid-19) में लोक आस्था के इस महापर्व (Chhath Festival) पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को घाट पर अर्ध्य के दौरान तालाब में डुबकी नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं. बिहार सरकार (Bihar Government) ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वो घाटों पर बैरिकेडिंग इस तरीके से लगाएं कि श्रद्धालु उसमें डुबकी नहीं लगा सकें. गाइडलाइन (Guideline) के मुताबिक छठ पर्व के दौरान बुखार से ग्रसित लोग, 60 साल के ऊपर के उम्र के व्यक्ति और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घाट पर नहीं जाने की सलाह दी गई है.

साथ ही जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि वो लगातार लोगों से अपील करें कि वो इस बार घाटों पर न जाकर अपने घरों में ही छठ पर्व मनाएं. इसके बावजूद भी यदि श्रद्धालु तालाब या घाटों पर छठ मनाने आते हैं तो सख्ती से कोविड-19 गाइडलाइन का पालन किया जाए.

छठ पर्व को लेकर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की प्रमुख बातें



- सभी व्‍यक्ति सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करें. छठ घाटों पर भीड़ नहीं लगाएं
- छठ घाटों पर लोग अनिवार्य रूप से फेस मास्क (Face Mask) का उपयोग करें
- 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग और 10 साल से कम उम्र के बच्चे घाट पर न जाएं
- बुखार से पीड़ित और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग घाट पर नहीं जाएं
- भगवान सूर्य की अर्घ्‍य के दौरान नदी-तालाब में डुबकी नहीं लगाएं
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज