शिवानंद के राहुल गांधी पर बयान से भड़की कांग्रेस, शक्तिसिंह गोहिल ने कहा- वो JDU के वफादार

बिहार विधानसभा चुनाव में हार मिलने पर आरजेडी के नेता शिवानंद तिवारी ने राहुल और प्रियंका गांधी पर अपनी भड़ास निकाली थी (फाइल फोटो)
बिहार विधानसभा चुनाव में हार मिलने पर आरजेडी के नेता शिवानंद तिवारी ने राहुल और प्रियंका गांधी पर अपनी भड़ास निकाली थी (फाइल फोटो)

कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल (Shaktisinh Gohil) ने शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने कई बार पार्टियां बदली हैं, वो जनता दल युनाइटेड (JDU) से सांसद रह चुके हैं. इसलिए कोई आश्चर्य नहीं कि उनकी वफादारी अभी भी जेडीयू के प्रति है. शिवानंद तिवारी के लगाए आरोप निराधार हैं कि कांग्रेस जेडीयू-बिहार की कमजोर सरकार की मदद कर रही है

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 6:38 PM IST
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पटना. बिहार चुनाव नतीजों (Bihar Assembly Election 2020) में मिली हार के बाद महागठबंधन (Mahagathbandhan) की गांठें खुलकर सामने आ गई हैं. रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) द्वारा राहुल गांधी और प्रियका गांधी पर चुनावी हार का ठीकरा फोड़ना कांग्रेस को नाराज कर गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर तारिक अनवर के बाद अब कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल (Shaktisinh Gohil) ने शिवानंद तिवारी ने पलटवार किया है.

सोमवार को शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि शिवानंद तिवारी ने कई बार पार्टियां बदली हैं, वो जनता दल युनाइटेड (JDU) से सांसद रह चुके हैं. इसलिए कोई आश्चर्य नहीं कि उनकी वफादारी अभी भी जेडीयू के प्रति है. शिवानंद तिवारी के लगाए आरोप निराधार हैं कि कांग्रेस जेडीयू-बिहार की कमजोर सरकार की मदद कर रही है.
गोहिल ने कहा कि महागठबंधन को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस अपने सहयोगियों (RJD) के हर फैसले को मानती गई. साथ ही हम उन सीटों पर चुनाव लड़ने को राजी हुए जहां महागठबंधन पिछले तीस वर्षों से ज्यादा समय से जीत नहीं पाई है. राष्ट्रीय जनता दल को ऐसे नेताओं (शिवानंद तिवारी) को पहचानना होगा वर्ना आने वाले समय में पार्टी और बिहार को काफी भुगतना पड़ेगा.

दरअसल रविवार को शिवानंद तिवारी ने कांग्रेस के चुनाव लड़ने की नीयत पर सवाल उठाया था. उन्होंने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा था कि महागठबंधन के लिए वो बोझ बन गई थी. कांग्रेस ने 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए, लेकिन 70 चुनावी रैलियां तक नहीं कीं. राहुल गांधी मात्र तीन दिन के लिए आए, जबकि प्रियंका गांधी तो आई भी नहीं. उन्होंने कहा था कि जो लोग बिहार से परिचित नहीं थे, वो यहां प्रचार करने के लिए आए. कांग्रेस ने गलत किया.



बिहार में NDA को मिली 125 सीटें, महागठबंधन के खाते में 110 सीटें
बता दें कि 10 नवंबर को आए बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम में एनडीए गठबंधन ने 125 सीटों पर विजय हासिल की है जबकि महागठबंधन को केवल 110 सीटें मिलीं. आरजेडी 75 सीटों पर कब्जा जमाकर बिहार चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. जबकि कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़कर मात्र 19 सीटें ही जीत सकी. इसके अलावा वाम दलों ने 16 सीटों पर विजय हासिल की है.

वहीं एनडीए में बीजेपी 74 सीटें जीतकर दूसरी बड़ी पार्टी बनी है. उसकी सहयोगी जेडीयू महज 43 सीटें हासिल कर तीसरे नंबर की पार्टी रह गई है. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी को चार-चार सीटें मिली हैं.
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