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कोरोना को लेकर पटना हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, बिहार सरकार से मांगा पूरा ब्योरा

कोरोना को लेकर पटना हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, बिहार सरकार से मांगा पूरा ब्योरा

ऑनलाइन एसटीइटी के रिजल्ट पर पटना हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को

ऑनलाइन एसटीइटी के रिजल्ट पर पटना हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को

Patna High Court: याचिकाकर्ता के वकील ने पटना हाईकोर्ट में बताया कि कोरोना टेस्ट (Corona Test) में लगभग 40 फीसदी रिपोर्ट सही नहीं होते हैं.

    पटना. बिहार में बढ़ रहे कोरोना केस को लेकर हाईकोर्ट (Patna High Court) ने भी सख्ती दिखाई है. पटना हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) को नियंत्रित करने के लिए की जा रही कार्रवाई का पूरा ब्योरा 8 दिसंबर तक पेश करने का निर्देश दिया है. दिनेश कुमार सिंह व अन्य की याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि बिहार में करोना का नहीं होना मात्र मिथ हैं.

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिटी स्कैन और एमआरआई मशीन, स्वयं का न होकर पीपीपी मोड पर है. इस कारण से मरीजों को पैसे खर्च कर टेस्ट कराने होते हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि कोरोना टेस्ट में लगभग 40 फीसदी रिपोर्ट सही नहीं होते हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री के पास जो कोरोना के आरटी पीसीआर मशीन की रिपोर्ट गई है, उसमें बिहार 15 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे है.



    राज्य में इन मशीनों की काफी कमी हैं और साथ ही टेस्ट भी काफी कम संख्या में हो रहे हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने 60 वर्ष के अधिक आयु के लोगों के करोना जांच के मामले में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था. इस मामले में अगली सुनवाई 8 दिसंबर को की जाएगी. मालूम हो कि बिहार में कोरोना ने एक बार फिर से अपना घातक रूप दिखाना शुरू कर दिया है. बुधवार को आये आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 48 घंटों के दौरान 12 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी थी.

    राज्य में कोरोना को लेकर सरकार द्वारा सख्ती भी बरती जा रही है और मास्क लगाने समेत सोशल डिस्टेंसिंग के पालन का भी गाइडलाइन जारी किया गया है.

    रिपोर्ट- आनंद वर्मा

    Tags: Corona, Corona Active Case, COVID 19, Patna high court

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