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पटना हाईकोर्ट के फैसले से बदल जाएगा लालू परिवार का पता, क्या होगा राबड़ी देवी का नया एड्रेस?

आपको बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश से अब बिहार के जितने भी पूर्व सीएम हैं उन्हें अपना सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा. कोर्ट के फैसले के बाद News 18 ने राबड़ी देवी से बात करने की कोशिश की लेकिन वहां कोई बात करने को तैयार नहीं हुआ.

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पटना हाईकोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मिले वाली सरकारी आवास की सुविधा समाप्त कर दी है. चीफ जस्टिस अमरेश्वर प्रताप शाही ने अपने आदेश में कहा कि ये सुविधा असंवैधानिक है और आम जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे का दुरुपयोग है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पद से हटने के बाद इस तरह की सुविधाएं दिया जाना बिल्कुल गलत है. फैसला आने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर सन्नाटा पसर गया है.

आपको बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश से अब बिहार के जितने भी पूर्व सीएम हैं उन्हें अपना सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा. कोर्ट के फैसले के बाद News 18 ने राबड़ी देवी से बात करने की कोशिश की लेकिन वहां कोई बात करने को तैयार नहीं हुआ.

हालांकि लालू परिवार के करीबी और दरभंगा के बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी विधायक भोला यादव ने कहा कि न्यायपालिका का वे सम्मान करेंगे और कोर्ट के फैसले के पढ़ने के बाद इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा.



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आपको बता दें कि बीते 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव के बड़े बेटे तेजस्वी यादव को भी 5 देशरत्न स्थित बंगला खाली करने का आदेश दिया था. गौरतलब है कि तेजस्वी का बंगला विवाद 2017 में तब शुरू हुआ जब सत्ता से बेदखल होने के बाद नीतीश सरकार ने तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री के तौर पर आवंटित बंगला 5, देशरत्न मार्ग खाली करने को कह दिया था.

इसके बाद पटना हाईकोर्ट में तेजस्वी ने याचिका दाखिल की थी, लेकिन वहां भी उन्हें झटका मिला. उसके बाद वह डबल बेंच की अपील में गए, लेकिन वहां भी उन्हें बंगला खाली करने का आदेश सुनाया था.

इनपुट- आनंद अमृतराज 

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