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डेंगू और पटना में गंदगी पर हाईकोर्ट सख्त, बिहार सरकार से एक हफ्ते में मांगा कार्रवाई का ब्योरा

News18 Bihar
Updated: October 18, 2019, 3:43 PM IST
डेंगू और पटना में गंदगी पर हाईकोर्ट सख्त, बिहार सरकार से एक हफ्ते में मांगा कार्रवाई का ब्योरा
पटना में हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को आदेश कि एक हफ्ते में जलजमाव पर हुई कार्रवाई का ब्योरा दे.

कोर्ट ने सरकार से कहा कि एक रिपोर्ट दीजिए कि जलजमाव से बचने के लिए आपने क्या कोशिशें कीं. आगे ऐसे हालात न बनें इसके लिए सरकार क्या कदम उठा रही है. अब मामले की अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी.

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पटना. भारी बारिश के चलते राजधानी पटना में बाढ़ और जलजमाव (Patna Water Logging) मामले में जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट (Patna High court) ने बिहार सरका से बाढ़ से बेहाल हुए पटना में स्वच्छता कार्य करने और राज्य में तेजी से फैल रहे डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विवरण देने का निर्देश दिया है. जस्टिस एस पांडेय की खंडपीठ ने नवीन कुमार सिंह और अन्य की जनहित याचिकाओं (PIL) पर यह सुनवाई करते हुए सरकार से सफाई व्यवस्था युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही यह भी कहा कि डेंगू से रोकथाम के लिए तेजी से कदम उठए जाएं.

हाईकोर्ट ने पूछा- जलजमाव से बचने के लिए आपने क्या किया?
कोर्ट ने सरकार से कहा कि एक रिपोर्ट दीजिए कि जलजमाव से बचने के लिए आपने क्या कोशिशें कीं.  आगे ऐसे हालात न बनें इसके लिए सरकार क्या कदम उठा रही है. अब मामले की अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी. बता दें कि इसी मामले में 16 अक्टूबर को भी सुनवाई हुई थी जिसमें हाईकोर्ट (High Court) ने पूरी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया था कि पटना और उसके नागरिकों को इस स्थिति में लाने वाले जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा.

कोर्ट ने कहा- अधिकारियों को इसका जवाब देना होगा

16 अक्टूबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिकारियों के ट्रांसफर और सस्पेंड करने की नीति पर भी सख़्त नाराजगी जाहिर की थी. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि ड्रेनेज सिस्टम के ध्वस्त होने और उससे होने वाले भयानक जलजमाव के कारणों की जांच के लिए कमिटी करेगी. इसमें एक्सपर्ट भी होंगे. इसके जिम्मेदार अधिकारियों को इसका जवाब देना होगा.

1997 और 2012 में कोर्ट ने दिया था आदेश
बता दें कि इससे पहले वर्ष 1997 में भी एक हफ्ते तक लगातार बारिश होने से लगभग पूरा पटना जलमग्न हो गया था. तब कोर्ट ने जनहित याचिका पर राज्य सरकार, पटना नगर निगम को सभी बड़े नालों से अतिक्रमण हटाने, उसकी सफाई और बेकार पड़े संप हाउसों को दुरुस्त करने का आदेश दिया था
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हाईकोर्ट ने पहले भी दिए हैं निर्देश
मालूम हो कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में बिहार में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई थी. 27 से 30 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश से 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति हो गई थी. पटना में पंप मंगवाकर कई इलाकों से पानी निकाला गया.इसके बाद वर्ष 2012 में भी एक जनहित याचिका दायर की गई थी. अगस्त 2014 में पटना में खूब बारिश हुई तो हफ्ते भर तक शहर जलमग्न रहा था. इसपर कोर्ट ने कहा था कि 24 घंटे से अधिक जलजमाव रहा तो यह कोर्ट की अवमानना होगी. निगम के अफसर इसके लिए जिम्मेदार होंगे.
इनपुट- आनंद वर्मा


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First published: October 18, 2019, 3:43 PM IST
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