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साल भर पहले हाजीपुर से अगवा हुआ बुजुर्ग, कोर्ट ने चार हफ्ते में खोजने का दिया निर्देश

साल भर पहले हाजीपुर से अगवा हुआ बुजुर्ग, कोर्ट ने चार हफ्ते में खोजने का दिया निर्देश

पटना हाईकोर्ट (File Photo)

पटना हाईकोर्ट (File Photo)

जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस मधुरेश प्रसाद के डिविजन बेंच ने ब्रह्मदेव राय की पत्नी राधिका राय की याचिका पर सुनवाई करते हुए वैशाली एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों को तलाशी अभियान में वैज्ञानिक मदद लेने और जांच की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया.

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    एक साल पहले कथित तौर पर अगवा किए गए बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारी को चार सप्ताह में ढूंढ निकालने का आदेश हाईकोर्ट ने वैशाली पुलिस को दिया है. कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए वैशाली एसपी से इस मामले की जांच के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तलब किया है.

    बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारी ब्रह्मदेव राय को जिले के महुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत खीराचक से बीते साल 20 अगस्त को अगवा कर लेने की बात सामने आई थी. राय ने उस दिन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के हरपुर बेलवा शाखा से 13 लाख रुपया निकाला था. इसके बाद वह लोगों को नहीं दिखे.

    जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस मधुरेश प्रसाद के डिविजन बेंच ने ब्रह्मदेव राय की पत्नी राधिका राय की याचिका पर सुनवाई करते हुए वैशाली एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों को तलाशी अभियान में वैज्ञानिक मदद लेने और जांच की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया. सुनवाई के दौरान ढिल्लों कोर्ट में मौजूद रहे.

    राय की गुमशुदगी के बाद उनकी पत्नी हत्या की नीयत से पति के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने स्थानीय थाना गयी थी. वहां एफआईआर दर्ज करने से इंकार होने के बाद वह स्थानीय लोअर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. आखिरकार हत्या की नीयत से राय के अपहरण का मामला बीते साल चार नवंबर को दर्ज किया गया. मामले में दो नामजद सुबोध कुमार और राजेश सिंह के अलावा अज्ञात बैंककर्मी को भी आरोपी बनाया गया था.

    राधिका राय के वकील राजीव रंजन ने बताया कि सुबोध बैंक में ठेके पर बहाल कर्मचारी है. उसी ने ब्रह्मदेव राय को रिटायरमेंट में मिले 18.95 लाख रुपए को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के हरपुर बेलवा शाखा में खाता खोलकर जमा करवाने के लिए राजी किया था. इसके बाद राय की जानकारी के बिना खाता से पांच लाख रुपए दूसरे दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए और आठ लाख रुपए राजेश सिंह को दे दिए गए.

    रंजन ने बताया कि ब्रह्मदेव राय की ओर से पासबुक अपडेट करवाने की कोशिशों को बैंक में ठुकरा दिया गया था. बैंककर्मी उन्हें पावर कट, लिंक फेल होने, सर्वर डाउन होने जैसे बहाने बनाकर टाल देते थे. राय के लापता हो जाने के तीन दिन बाद उनके परिजनों को फोन पर सकुशल वापसी के लिए सुबोध से संपर्क करने की बात कही गई थी.

    पुलिस ने इस मामले में बीते 20 मार्च को लोअर कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश की थी. इसमें राजेश की संलिप्तता के बारे में भी संदेह जताया गया था.

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    Tags: Patna high court, PATNA NEWS

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