अफसोस है कि बिहार को अब तक नहीं मिला विशेष राज्य का दर्जा, हम सत्ता में हिस्सेदार हैं: के.सी त्यागी

नीति आयोग की रैकिंग में बिहार के सबसे निचले पायदान पर आने के बाद एक बार फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठने लगी है

नीति आयोग की रैकिंग में बिहार के सबसे निचले पायदान पर आने के बाद एक बार फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठने लगी है

जेडीयू (JDU) की तरफ से के.सी त्यागी (KC Tyagi) ने अपनी सहयोगी पार्टियों के अलावा विपक्षी पार्टियों को भी भरोसा दिलाते हुए कहा कि अगर बिहार (Bihar) को विशेष राज्य का दर्जा मिल गया तो पटना विकास की गति में दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, बेंगलुरू और चेन्नई को पीछे छोड़ देगा

  • Share this:

नई दिल्ली. जनता दल युनाइटेड (JDU) ने एक बार फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग जोर-शोर से उठाया है. नीति आयोग (Niti Ayog) की रिपोर्ट में बिहार (Bihar) के निचले पायदान पर आने के बाद जेडीयू ने इस मुद्दे पर अपनी बात खुलकर रखी है. जेडीयू के प्रधान महासचिव के.सी त्यागी (KC Tyagi) ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा कि केवल बिहार ही क्यों, बिहार के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा जैसे राज्य नीति आयोग की रिपोर्ट में कहीं नहीं आते.

उन्होंने कहा कि बिहार में गरीबी की दास्तान वर्ष 1980 से ही शुरू हो गई, जिसमें एक दशक तक कांग्रेस की सरकारें बनती-बिगड़ती रहीं. फिर 15 साल तक लालू यादव का शासन रहा. इसके अलावा, बिहार के बंटवारे से कहानी और भी खराब हो गई. जेडीयू नेता ने कहा कि राज्य बंटवारे के बाद पर्यटन स्थल, सभी संसाधन, थर्मल पावर प्लांट, बड़े शिक्षा संस्थान और कोल -माइंस और उत्पादन के सभी साधन झारखंड में चले गए. इसके बाद सरकार को जिस तरह से प्रोत्साहन मिलने चाहिए थे वो नहीं मिले, जिसके चलते बिहार में असंतोष था. उन्होंने विशेष राज्य के दर्जे की याद दिलाते हुए कहा कि बिहार की सभी राजनीतिक दलों के लोगों ने एक साथ प्रस्ताव कर कहा था कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए.

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए लंबे समय से उठ रही मांग

बता दें कि विशेष राज्य के दर्जे को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली का आयोजन हुआ था. इसके अलावा डेढ़ करोड़ लोगों के हस्ताक्षर के साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस संबंध में निवेदन भी दिया गया था जिसमें विशेष राज्य के दर्जे की मांग रखी गई थी. इसी के बाद रघुराम राजन कमेटी बनी थी. इस कमेटी ने भी ऐसा कह दिया जिसमें बिहार विशेष राज्य के दर्जे के योग्य नहीं हुआ. एन.के सिंह वित्त आयोग के अध्यक्ष बने तो उस वक्त बिहार सरकार ने इसपर तर्क दिया लेकिन टर्म ऑफ रेफरेंसेज ऐसे थे कि उन्होंने भी इस पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया.

Bihar news, patna news, cm ntish kumar, lockdown, lockdown in bihar, jobs in bihar, Government job in Bihar, बिहार न्यूज, बिहार कोरोना अपडेट, बिहार में सरकारी नौकरी, बिहार लॉकडाउन,
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर स्तर से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाते रहे हैं (फाइल फोटो)

के.सी त्यागी का मानना है कि एनडीसी (National Development Council) की बैठकों में विशेष राज्य के दर्जे दिए जाने के प्रावधान थे, लेकिन अब एनडीसी भी काम नहीं करती है. त्यागी ने कहा लिहाजा नीति आयोग ने जो सवाल उठाए हैं वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार उठाते रहते हैं. हम तो मानते हैं कि बिहार पिछड़ा है. लेकिन इसको विकसित राज्यों की श्रेणी में कैसे लायें. इस पर सभी सरकारें मौन हैं.

त्यागी ने डबल इंजन सरकार को लेकर भी तंज कसते हुए कहा कि दो इंजन की सरकार का मतलब तब है जब आगे वाले इंजन की गति तेज हो. जेडीयू नेता ने अफसोस जाहिर किया कि विशेष राज्य का दर्जा अब तक नहीं मिल पाया और हम सत्ता में हिस्सेदार हैं. इसलिए हमारा निवेदन है कि पूर्वी भारत और बिहार को आगे बढ़ाना है तो बिहार सहित इन राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिलाया जाए. वर्ना बिहार और पूर्वोत्तर भारत अविकसित रह जाएंगे.



पिछड़े राज्यों के विकास के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना आवश्यक

के.सी त्यागी के अलावा जेडीयू के नेता उपेन्द्र कुशवाहा और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की है. के.सी त्यागी का मानना है जेडीयू और जेडीयू के समान विचार और धर्म के दल इसे बिहार के विकास और अस्मिता से जोड़कर उठाने चाहिए. हालांकि, उन्होंने बिहार में विगत वर्षों में पुल-पुलिया, सड़क निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति हुई है. तीन ऐसे मानक हैं जहां हम पांचवें स्थान पर हैं. पेयजल की समस्या सुधरी है, हर घर नल-जल और बिजली मिली है. यह सुशासन है. सुशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ा है. लेकिन, सही आर्थिक विकास नहीं हो पा रहा है. इसलिए जब तक केंद्र सरकार की तरफ से विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता तब तक, पिछड़े राज्य पिछड़े ही रह जाएंगे.

जेडीयू की तरफ से के.सी त्यागी ने अपनी सहयोगी पार्टियों के अलावा विपक्षी पार्टियों को भी भरोसा दिलाते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल गया तो पटना विकास की गति में दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, बेंगलुरू और चेन्नई को पीछे छोड़ देगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज