होम /न्यूज /बिहार /पढ़ें दूध मंडी का इतिहास जिसके लिए धरने पर बैठे लालू के लाल, जानें क्या है प्लान

पढ़ें दूध मंडी का इतिहास जिसके लिए धरने पर बैठे लालू के लाल, जानें क्या है प्लान

पटना जंक्शन परिसर में स्थित रहे 40 साल पुरानी दूध मंडी ध्वस्त कर दी गई.

पटना जंक्शन परिसर में स्थित रहे 40 साल पुरानी दूध मंडी ध्वस्त कर दी गई.

दूध मंडी लालू परिवार के लिए ऐसा मुद्दा है जो आरजेडी के कोर वोट बैंक यादव समुदाय के सेंटिमेंट से जुड़ा है.

    पटना जंक्शन के मुख्य द्वार के पास 40 साल से स्थित दूध मंडी को जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है. इससे गुस्साए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के छोटे बेटे और बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में नेता प्रतिपक्ष (Leader of opposition) तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) धरना पर बैठ गए हैं. बुधवार देर शाम से धरने पर बैठे तेजस्वी का साथ देने उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) भी देर रात वहां पहुंचे. लंबे वक्त के बाद दोनों भाई एक साथ दिखे. जाहिर है सवाल उठ रहा है कि बाढ़ और चमकी बुखार जैसे बड़े मुद्दों से मुंह फेर लेने वाले तेजस्वी यादव इस मसले को इतना तूल क्यों दे रहे हैं?

    आरजेडी के लिए बड़ा मुद्दा
    राजनीतिक जानकार मानते हैं कि परिवार के भीतर सत्ता संघर्ष और लगाता जनाधार खोती जा रही आरजेडी के लिए दूध मंडी की ये सियासत उनके लिए संजीवनी का काम कर सकती है. दरअसल यह ऐसा मुद्दा है जो आरजेडी के कोर वोट बैंक यादव समुदाय के सेंटीमेंट (भावना) से जुड़ा है. जानते हैं इस दूध मंडी से जुड़े कुछ अहम तथ्य...

    Tejaswi Yadav on dharna
    पटना की दूध मंडी जमींदोज कर दी गई है. अब यहां पार्किंग विकसित की जाएगी. इसी के विरोध में तेजस्वी यादव ने धरना दिया.


    लगभग 5 कट्ठे में बनी थी दूध मंडी
    रेलवे स्टेशन के पास सरकारी भूमि पर बनी दूध मंडी 6300 वर्गफीट में फैली थी. इसके आसपास लगभग दो एकड़ भूमि पर अस्थायी अतिक्रमण था. दूध मंडी से बिहार के अलावा पड़ोसी राज्यों- झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी पनीर और खोए की सप्लाई होती थी.

    केमिकल से बनता था पनीर
    बता दें कि केमिकल मिले पनीर बनाने पर यहां कई बार पुलिस का छापा भी पड़ चुका है. अस्सी के दशक में पहले दो-तीन दूध के कारोबारियों ने अस्थायी दुकान कर दूध से बनी सामग्री बेचना शुरू किया था. 1990 में यह पूरी तरह से खोए की मंडी के रूप में तब्दील हो गया.

    दूध कारोबारियों ने बना लिया यूनियन
    इसके बाद लगभग डेढ़ सौ दूध कारोबारियों ने बाद में अपना यूनियन बनाया, जिसे दूध उत्पादन सहकारिता समिति का नाम दिया गया. प्रत्येक दो साल पर संघ का चुनाव भी होता था. दुकानदारों के चंदे के पैसे से यहां दो मंजिला भवन बनावाया गया था. सुबह से शाम तक यहां पनीर और खोए की बिक्री होती थी.

    पार्किंग स्थल के तौर पर विकसित होगा
    दूध कारोबारियों का कहना था कि 50 कारोबारियों के लिए दूसरे तल पर व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही प्रशासन का डंडा चल गया. बता दें कि दूधमंडी के पास अत्याधुनिक पार्किंग स्थल बनायी जाएगी. इसमें रेलवे स्टेशन जाने वाले वाहनों को रखा जाएगा.

    स्मार्ट सिटी एरिया के तहत चयनित स्थान
    प्रमंडलीय आयुक्त ने बताया है कि रेलवे स्टेशन के पास खाली कराई गई जमीन पर हाइड्रोलिक पार्किंग सिस्टम बनाया जाएगा. इस जगह को स्मार्ट सिटी के एरिया में चयनित किया गया है. इसीलिए यहां आम लोगों के लिए शौचालय, स्नानघर और पीने की पानी की व्यवस्था की जाएगी.

    रेलवे स्टेशन जाने वाले लोग अपना वाहन पार्किंग में लगा सकेंगे. इधर, आयुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बुद्ध मार्ग में अतिक्रमण के मलबा को 24 घंटे के भीतर हटाएं.

    (रिपोर्ट- संजय कुमार)

    ये भी पढ़ें- 

    खुलासा: जानें अनंत सिंह के पास कहां से आया था AK 47 रायफल ?

    'संजीवनी' की तलाश में दूधवालों के लिए अड़ गए तेजस्वी!

    Tags: Bihar Lok Sabha Elections 2019, Bihar News, Lalu Prasad Yadav, Misha bharti, Nitish kumar, PATNA NEWS, Rabri Devi, RJD, Tej Pratap Yadav, Tejaswi yadav, Tejpratap yadav

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें