अपने ही कांस्टेबल को नहीं पहचान सकी पटना पुलिस, लावारिस बताकर किया दाह संस्कार

गांधी मैदान थाना के बगल में ही पुलिस लाईन और बुद्धा कॉलोनी थाना है जहां कांस्टेबल अशोक पासवान की गुमशुदगी का ममाला दर्ज था लेकिन पुलिस महकमें का आपसी कॉडिनेशन ऐसा रहा कि पुलिस ने बुद्धा कॉलोनी थाना से कंफर्म तक नहीं किया

News18 Bihar
Updated: July 31, 2019, 2:48 PM IST
अपने ही कांस्टेबल को नहीं पहचान सकी पटना पुलिस, लावारिस बताकर किया दाह संस्कार
पटना के पुलिस थाना पहुंचा मृतक कांस्टेबल का बेटा
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Updated: July 31, 2019, 2:48 PM IST
पटना पुलिस हमेशा से अपने कारनामों और अजीबोगरीब कार्यशैली की वजह से सुर्खियों में रहती है. इस बार भी मामला कुछ ऐसा ही जिसे जान आप भी हैरान हो जाएंगे. आपको भी जानकर हैरानी होगी कि पटना पुलिस ने अपने ही कांस्टेबल को न केवल लावारिस घोषित कर दिया बल्कि उसकी चिता भी फूंक डाली. पुलिस की दलील थी कि उसे कांस्टेबल के पास से कुछ ऐसा नहीं मिला जिससे उसकी पहचान हो.

मामला गांधी मैदान थाना का

यह कारनामा किया है पटना की गांधी मैदान थाना पुलिस ने. दरअसल बिहार पुलिस में तैनात अररिया के रहने वाले अशोक पासवान की ड्यूटी राजभवन में लगी थी. पटना पुलिस लाइन से वो 16 जुलाई को कमान कटने के बाद राजभवन की सुरक्षा में ड्यूटी पर तैनात हो गए लेकिन इसी बीच रहस्यमय तरीके से उनकी मौत हो गई और वो वापस नहीं लौटे.

72 घंटे तक नहीं हुई पहचान

गुमशुदगी के बाद पटना में गांधी मैदान के पास पुलिस ने उनका शव जब्त किया लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस अपने ही जवान को नहीं पहचान पायी. पुलिस ने 72 घंटे तक परिवार के लोगों का इंतजार किया और फिर शव को लावारिस मानने के बाद उसका दाह संस्कार कर दिया. पुलिस अधिकारियो ने डेड बॉडी की तस्वीर की पहाचा करवाने की की भी जहमत नहीं उठायी.

पटना का गांधी मैदान थाना


बेटा बोला
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पिछले तीन दिनों से पुलिस दफ्तर के चक्कर लगा रहे मृतक के बेटे ने कहा कि पुलिस फिलहाल मदद तो कर रही है लेकिन घटना के लगभग 15 दिनों बाद भी पिता के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट नहीं आ सकी है. गांधी मैदान थाना के बगल में ही पुलिस लाईन और बुद्धा कॉलोनी थाना है जहां कांस्टेबल अशोक पासवान की गुमशुदगी का ममाला दर्ज था लेकिन पुलिस महकमें का आपसी कॉडिनेशन ऐसा रहा कि पुलिस ने बुद्धा कॉलोनी थाना से कंफर्म तक नहीं किया. ये हाल तब है तब डेड बॉडी मिलने के बाद सभी थानों से इसकी पुष्टि करायी जाती है.

रिपोर्ट- संजय कुमार
First published: July 31, 2019, 2:38 PM IST
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