पर्दा गिरते ही विधायकों पर गिरने लगी पुलिस की लाठियां, पढ़ें बिहार विधानसभा में हुए घमासान की पूरी कहानी

बिहार विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामा हुआ 
(फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामा हुआ (फाइल फोटो)

Bihar Politics: बिहार में मंगलवार की शाम को विधानसभा के इतिहास की सबसे शर्मनाक घटना हुई है. विपक्ष के विधायकों ने जहां सदन में हंगामा और उत्पात मचाया तो वहीं पटना की सड़कों पर भी राजद कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया.

  • Share this:
पटना. आपने अब तक थियेटर में यह देखा और सुना होगा कि पर्दा गिरा और खेल खत्म. लेकिन, बिहार में लोकतंत्र के मंदिर यानी विधानसभा (Bihar Assembly Lathi Charge) में मंगलवार को इसके बिल्कुल उलट हुआ. यहां पर्दा गिरा और खेल शुरू हो गया. जी हां! न्यूज 18 आपको बता रहा है बिहार विधानसभा में हुए संग्राम का आंखों देखा हाल.

दरअसल, मंगलवार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 (Bihar Special Armed Police Bill 2021) के विरोध में आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने पहले जहां पटना की सड़कों पर पहले कोहराम मचाया और फिर इस विरोध की आग सदन तक पहुंच गई.

Youtube Video


आम दिनों की तरह मंगलवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन पांचवी बार जब 4.30 बजे सदन की कार्यवाही शुरू करने के लिये घंटी बजी उसी वक्त विपक्ष के तमाम विधायक विधानसभा अध्यक्ष के दरवाजे पर पहुंच गये और उन्‍हें एक तरह से बंधक बना लिया. विपक्ष सदस्‍यों के विरोध के बाद सदन 12 बजे तक के लिये स्थगित हो गया. पुलिस विधेयक को लेकर विपक्ष के हंगामे की वजह सदन दिन में चार बार स्थगित हुआ.
सदन की कार्यवाही के लिए विधानसभा की घंटी काफी देर तक बजती रही, लेकिन अध्यक्ष सदन के अंदर नहीं पहुंचे, ऐसे में विधानसभा में तैनात मार्शल विधानसभा अध्यक्ष के गेट पर पहुंचे और विपक्षी विधायको को समझाने की कोशिश की लेकिन तब तक मामला बिगड़ चुका था. ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष को आनन-फानन में पटना डीएम और एसएसपी को बुलाना पड़ा. वरीय अधिकारियों के पहुंचने के बाद अध्यक्ष को छुड़ाया गया. इससे पहले विधायकों और वरीय अधिकारीयो में नोकझोंक भी हुई. इसके बावजूद पुलिस विधेयक का विरोध कर रहे विधायक हटने के लिए तैयार नहीं थे.

बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चैंबर के पास लगा पर्दा


बिगड़ते हालात के मद्देनर विधानसभा में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई. विपक्ष के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के गेट में रस्सी बांधकर जहां उन्‍हें बंधक बनाकर बैठे थे, वहीं बिल्कुल पास में बड़ा ग्रिल लगा है. इस ग्रिल से कोई भी बाहर में बैठा आदमी अन्दर क्या हो रहा है वो सब कुछ देख सकता है और घटना को कैमरे में कैद कर सकता है. लिहाजा भारी संख्या में पहुंची पुलिस विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के बावजूद भी मीडिया के लगे कैमरे की वजह से कुछ कर नहीं पा रही थी, ऐसे में पहले पटना एसएसपी और पटना डीएम ने विधायकों को मनाने की पूरी कोशिश की. इसके बावजूद विधायक विधानसभा अध्यक्ष को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे.



मौके पर हंगामा बढ़ने की वजह से पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा था और माननीय लोगों की इज्जत पर बन भी आई थी. ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष के गेट के सामने बड़े ग्रिल पर लगे पर्दे को पहले पुलिस ने गिराया और फिर क्या था. बिहार में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर की गरिमा तार-तार हो गई. विधायकों पर लात-घूसे, थप्पड़ और डंडे की बरसात हो गई. इसी दौरान पुलिस ने माननीय विधायकों को घसीट-घसीट कर बाहर फेंकना शुरू कर दिया. जिसमें किसी के हाथ में चोट आई तो किसी का पैर में तो किसी के पीठ और गाल लाल हो गए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज