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पटना पुलिसः केस दर्ज कर चार्जशीट करना भूले, छेड़खानी और रेप के 7 मामलों के आरोपियों को मिली बेल

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: October 25, 2019, 9:17 PM IST
पटना पुलिसः केस दर्ज कर चार्जशीट करना भूले, छेड़खानी और रेप के 7 मामलों के आरोपियों को मिली बेल
पटना पुलिस के चार्जशीट दायर करने में देरी के कारण आरोपियों को मिल गई जमानत. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

छेड़खानी और दुष्कर्म के (Molestation & Rape Case) मामलों में पटना पुलिस (Patna Police) की सुस्ती की खुली पोल. पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज किए गए मामलों का भी अनुसंधान नहीं करने से डेढ़ महीने में छेड़खानी और रेप के 7 आरोपियों को कोर्ट से मिल गई जमानत.

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पटना. बिहार की राजधानी पटना की (Patna Police) पुलिस, शहर की कानून-व्यवस्था (law and order) को बनाए रखने में किस तरह नाकाम साबित हो रही है, इसका खुलासा हो गया है. दरअसल, छेड़खानी और रेप के मामलों (Molestation & Rape Case) में भी पटना पुलिस केस का अनुसंधान कैसे करती है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले डेढ़ माह में छह मामलों के सात आरोपियों को पॉक्सो (POCSO Act) कोर्ट से जमानत मिल गई. इसकी मुख्य वजह यह सामने आई है कि अनुसंधान अधिकारियों यानी आईओ (IO) ने समय पर चार्जशीट ही दायर ही की. अदालत में आरोपियों को इसका लाभ मिला और चार्जशीट दायर नहीं होने के कारण कानून के मुताबिक पॉक्सो की विशेष अदालत (POCSO Court) ने आरोपितों को जमानत दे दी.

आईओ को पता नहीं, आरोपियों को मिली बेल
पटना पुलिस की लापरवाही या सुस्ती का खुलासा करने वाली इस जानकारी में एक बात और आपको चौंका सकती है. चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित केस के अनुसंधान अधिकारियों को इस बात की जानकारी तक नहीं है कि उनके केस के आरोपी को अदालत से बेल मिल गई है. पटना के पिपरा, राजीवनगर, मेहंदीगंज, रामकृष्णानगर, चौक व नेउरा ओपी और बिहटा थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज केस में सात आरोपियों को बीते 3 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर के बीच जमानत दी गई. ये आरोपी अब जेल से बाहर हैं. पीड़ित परिजनों का आरोप है कि जेल से निकल चुके आरोपियों ने केस उठाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. हालांकि राजीवनगर कांड सं. 338/19 के मामले में आईओ पूनम रानी को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है. इसकी वजह न्यूज 18 चैनल पर दिखाई गई खबर है, जिसके बाद एसएसपी ने चार्जशीट दायर करने में लापरवाही को लेकर आईओ को सस्पेंड किया है.

आरोपी की पहचान के बाद भी पड़ताल नहीं

पहला मामला नेउरा के गोढ़ना का है, जहां की रहने वाली एक महिला ने 19 मार्च को केस दर्ज कराया था. महिला का कहना था कि उनकी 6 साल की बेटी के साथ गांव के चितरंजन कुमार उर्फ पंडित ने 500 रुपए का लालच देकर गलत हरकत करने का प्रयास किया. पीड़िता के शोर मचाने पर वह भाग निकला. केस की आईओ उषा सिन्हा थी. पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई और उसने सरेंडर कर दिया. समय पर चार्जशीट नहीं होने से 17 अक्टूबर को उसे जमानत मिल गई. दूसरा केस पिपरा थाना का है. पिपरा निवासी महिला ने 30 मई को केस दर्ज कराया था कि उनकी 6 साल की बच्ची को खेलते समय कर्पूरी ठाकुर नामक शख्स ने चॉकलेट का लालच दिया और बाद में पास के एक घर में ले जाकर छेड़खानी की. बच्ची रोने लगी तो ग्रामीण जुट गए और आरोपी पकड़ा गया. यह मामला भी पुलिस ने दर्ज किया और इसका आईओ एसआई अंचला को बनाया गया. समय पर चार्जशीट दायर न होने से कर्पूरी को 5 सितंबर को जमानत मिल गई.

रामकृष्णा नगर और चौक थाने का भी वही हाल
रामकृष्णा नगर थाना इलाके के एक शख्स ने 25 जुलाई को केस दर्ज कराया था. इसमें पिता ने कहा था कि उनकी बेटी को एक निजी स्कूल के शिक्षक बिरजेश कुमार ट्यूशन पढ़ाने घर पर आते थे. 24 जुलाई को पढ़ाने के दौरान बिरजेश ने बेटी के साथ गलत हरकत की. आरोपी ने बेटी को धमकी भी दी थी कि मामले की जानकारी देने पर पिता व पूरे परिवार को जान से मार देंगे. इस केस का आईओ विजय कुमार को बनाया गया था. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और जेल भी भेजा मगर समय पर चार्जशीट नहीं होने से आरोपी को 25 सितंबर को जमानत मिल गई. इसी तरह पटना सिटी स्थित चौक थाना में भी चार्जशीट दायर नहीं होने की वजह से आरोपी अमित कुमार और अभिषेक कुमार को पिछले 3 सितंबर को जमानत दे दी गई. वहीं पटना सिटी के ही मेहंदीगंज थाना में दर्ज एक अन्य मामले में भी आरोपी महिला के खिलाफ पुलिस अनुसंधान पूरा नहीं कर पाई. अदालत में समय पर चार्जशीट दायर नहीं होने की वजह से महिला आरोपी ममता देवी को 25 सितंबर को जमानत मिल गई.
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न्यूज 18 की खबर के बाद मची खलबली
इन सभी मामलों में से सिर्फ राजीव नगर थाने का ही एक मामला है, जिसको लेकर न्यूज 18 ने अपने चैनल पर चार्जशीट दायर न होने की वजह से दुष्कर्म के आरोपी को जमानत मिलने की खबर दिखाई थी. न्यूज 18 ने खुलासा किया था कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोपी संतोष शाह जमानत पर बाहर आने के बाद पीड़ित परिवार को ही धमकाने लगा. चैनल पर खुलासे के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई और एसएसपी ने आनन-फानन में जांच करा केस की आईओ पूनम रानी को सस्पेंड कर दिया. एसएसपी गरिमा मलिक ने कहा कि अगर पॉक्सो एक्ट में आईओ ने समय पर चार्जशीट नहीं किया है, तो इसकी जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद आईओ पर कार्रवाई होगी.

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First published: October 25, 2019, 9:17 PM IST
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