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पटना पुलिस ने जिसे मॉब लिंचिंग का शिकार बताया, वह निकला जिंदा, पोल खुलने से हुई फजीहत

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: November 16, 2019, 8:57 PM IST
पटना पुलिस ने जिसे मॉब लिंचिंग का शिकार बताया, वह निकला जिंदा, पोल खुलने से हुई फजीहत
पटना पुलिस ने अगस्त महीने में मॉब लिंचिंग में जिस शख्स के मारे जाने की पुष्टि की, वह निकला जिंदा.

पटना पुलिस (Patna Police) ने नौबतपुर मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) मामले में जिस शख्स को मुर्दा बता दिया, वह निकला जिंदा. News 18 की पड़ताल में कृष्णा मांझी नाम के व्यक्ति ने खुद के जिंदा होने का दिया सबूत. पुलिस अनुसंधान (Police Investigation) को लेकर उठे सवाल.

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पटना. बिहार की राजधानी पटना (Patna) में पुलिस का शर्मनाक कारनामा सामने आया है. पुलिस ने नौबतपुर के महमदपुर गांव में तीन माह पहले मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) में जिस कृष्णा मांझी की हत्या के आरोप में 23 लोगों को जेल भेज दिया था, वह कृष्णा मांझी जिंदा लौट आया है. अपनी पोल खुलते देख पुलिस के आला अफसरों ने शनिवार को दावा किया है कि कृष्णा मांझी की पत्नी ने ही शव की पहचान अपने पति के रूप में की थी. लेकिन न्यूज 18 की पड़ताल में पुलिस का यह दावा भी झूठा (Patna Police false claim) साबित हुआ. कृष्णा मांझी की पत्नी ने दावा किया है कि उसने शव की पहचान अपने पति के रूप में नहीं की थी. उधर, अपनी पहचान का प्रमाण लिए खुद कृष्णा मांझी ने भी कहा कि वह जिंदा है.

पुलिस का दावा निकला झूठा
दरअसल कृष्णा मांझी मुर्दा घोषित किया जाना पुलिस की हड़बड़ी और लापरवाही का सबूत है. 10 अगस्त को नौबतपुर थाना इलाके के महमदपुर गांव में मॉब लिन्चिंग की घटना हुई थी. पटना पुलिस ने इस केस में मारे गए व्यक्ति का नाम कृष्णा मांझी बताया था. परिवार वालों की अशिक्षा का फायदा उठाते हुए पुलिस ने लाश का अंतिम संस्कार तक करवा दिया. जिस वक्त पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कराया, उस समय असली कृष्णा मांझी महाराष्ट्र के पुणे में मजदूरी करने गया हुआ था. पुलिस ने दावा किया था कि मृतक के हाथ पर उसका नाम कृष्णा मांझी गुदा हुआ था और पत्नी ने पहचान भी की थी. लेकिन उसी कृष्णा मांझी की पत्नी ने न्यूज 18 के साथ बातचीत में पुलिस के दावे को झूठा बताया है. वहीं, असली कृष्णा मांझी ने कहा कि उसने अपने हाथ पर नाम गुदवाया ही नहीं है.

पटना पुलिस के दावे की पोल खुलने से कृष्णा मांझी के गांव वाले हैरान हैं.


कृष्णा के लौट आने से खुली पोल
पुलिस के इस भारी गड़बड़झाले का खुलासा तब हुआ जब कुछ ही दिन पहले कृष्णा मांझी पुणे से लौट आया. दरअसल उसने इस बीच मोबाइल न होने की वजह से घरवालों से संपर्क नहीं किया था. इसलिए घरवाले भी यही मान रहे थे कि मॉब लिंचिंग में कृष्णा की मौत हो गई. हैरानी की बात तो ये है कि पटना पुलिस के अफसर मामला सामने आने के बाद अपने महकमे की कारस्तानी को छिपाने में लगे हैं. पटना की एसएसपी गरिमा मलिक अब भी दावा कर रही हैं कि कृष्णा मांझी की पत्नी ने ही शव की पहचान पति के रूप में की थी. बहरहाल, पूरे मामले का दर्दनाक पहलू ये है कि नौबतपुर मॉब लिंचिंग में जिस शख्स की मौत हुई, इस राज के खुलने के बाद उसकी पहचान को लेकर रहस्य गहरा गया है.

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First published: November 16, 2019, 8:57 PM IST
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