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पटना पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोपी की जगह निर्दोष को भेज दिया जेल, डेढ़ साल से काट रहा सजा

News18 Bihar
Updated: October 30, 2019, 2:37 PM IST
पटना पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोपी की जगह निर्दोष को भेज दिया जेल, डेढ़ साल से काट रहा सजा
पटना पुलिस ने निर्दोष को डाल दिया जेल में (प्रतीकात्मक फोटो)

परिजनों का कहना है कि कृष्ण कुमार सहनी पिछले डेढ़ साल से बेउर जेल में बंद है. उनके मुताबिक पुलिस ने उन पर वर्ष 2006 में एक युवती से छेड़छाड़ का गलत आरोप लगाकर बंद कर रखा है.

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पटना. पटना पुलिस (Patna Police) का एक अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे. पुलिस ने एक बेकसूर व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल (Prison) में डाल दिया. कहा जा रहा है कि ये बेकसूर शख्स पिछले डेढ़ साल से जेल में बंद है. पीड़ित का नाम कृष्ण कुमार सहनी (Krishna Kumar Sahni) है. सहनी को अभी तक इस बात की जानकारी नहीं है कि आखिर वो किस गलती के लिए जेल में बंद है. लेकिन पटना पुलिस उसे छेड़खानी (Eve Teasing) का आरोपी मानती है. कृष्ण कुमार सहनी की पत्नी किरण देवी ने जब पुलिस से जांच की गुहार लगाई तो पुलिस ने उल्टा उन्हें गालियां देकर भगा दिया.

जानकारी के मुताहिक, कृष्ण कुमार सहनी पटना के पत्रकारनगर थाना क्षेत्र स्थित योगीपुर के रहने वाले हैं. उनकी उम्र 55 साल है. किरण देवी का कहना है कि कृष्ण कुमार सहनी पिछले डेढ़ साल से बेउर जेल में बंद है. उनके मुताबिक पुलिस ने उन पर वर्ष 2006 में एक युवती से छेड़छाड़ का गलत आरोप लगाकर बंद कर रखा है.

क्या है पूरा मामला
किरण देवी ने बताया कि साल 2006 में कृष्ण कुमार और मुन्ना नाम के दो लोगों ने एक युवती से छेड़छाड़ की थी. इसके बाद पत्रकार नगर थाना पुलिस ने इन दोनों को छेड़खानी के आरोप में जेल भेज दिया था. कुछ दिन बाद दोनों जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गए थे. जेल से बाहर आते ही कृष्ण फरार हो गया. बाद में न्यायालय से उसका बेल रद्द हो गया. साल 2018 में न्यायालय से कृष्ण कुमार की गिरफ्तारी के लिए दोबारा वारंट जारी किया गया. कोर्ट के आदेश के बाद पत्रकारनगर पुलिस ने कृष्ण कुमार की जगह कृष्ण कुमार सहनी को जेल भेज दिया. कृष्ण कुमार सहनी की गलती बस इतनी है कि उनका नाम आरोपी से मिलता-जुलता है.

परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया
पुलिस ने ऐसा तब किया जब निर्दोष सहनी के पिता का नाम वारंट पर लिखे आरोपी के पिता के नाम से मेल नहीं खाता था. किरण देवी ने बताया कि पुलिस की मनमानी को लेकर परिजन जब पत्रकार नगर थाना पंहुचे तो वहां उनके साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौच किया गया. पीड़ित परिवार के अलावा पड़ोसी मरनी देवी ने भी बताया कि कृष्ण कुमार सहनी कभी जेल नहीं गये तो फिर उसके बेल टूटने का सवाल कहां से पैदा हो गया. हैरानी की बात तो यह है कि पीड़ित परिवार पिछले 18 महीने से थाना से लेकर पुलिस महकमे के आलाधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं, लेकिन किसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया.

कोई अपराध नहीं किया
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किरण देवी की मानें तो कृष्ण कुमार सहनी ने कभी कोई अपराध नहीं किया और वो कभी जेल भी नहीं गया. ऐसे में पुलिस की कार्रवाई को वह सिरे से खारिज कर रही हैं. वैसे अपने मातहतों की कारस्तानी को लेकर आलाधिकारी अब कार्रवाई का हवाला देते नजर आ रहे हैं. सिटी एसपी ईस्ट जितेंद्र कुमार की मानें तो जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी. लेकिन सवाल उठता है कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो भी जाये तो वो बेकसूर कृष्ण कुमार सहनी के डेढ़ साल की भरपाई कैसे होगी जो उन्होंने जेल में रहकर बिताए हैं?

(रिपोर्ट- संजय कुमार)

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First published: October 30, 2019, 12:27 PM IST
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