आसान नहीं पटना को स्मार्ट बनाने की राह, जानें वो 9 कारण जिनकी वजह से राजधानी का नहीं हो पा रहा कायाकल्‍प
Patna News in Hindi

आसान नहीं पटना को स्मार्ट बनाने की राह, जानें वो 9 कारण जिनकी वजह से राजधानी का नहीं हो पा रहा कायाकल्‍प
पटना शहर का बुद्ध स्मृति पार्क

नगर निगम की मेयर सीता साहू का कहना है कि Lockdown के चलते काम में देरी हुई है] लेकिन अब जल्द अधिकारियों को समय सीमा देकर इसे पूरा कराया जाएगा.

  • Share this:
पटना. बिहार की राजधानी पटना का नाम जब स्मार्ट सिटी बनने वाले शहरों में शामिल किया गया था तब ये माना जा रहा था की अब पटना का दिन भी बदलेगा और शहर चकाचक बन जाएगा. इसे लेकर पटना नगर निगम ने पटना को खूबसूरत बनाने के लिए 9 बड़ी योजनाओं की शुरुआत भी की थी. लेकिन, वर्षों बीतने के बाद भी नगर निगम की पटना के लिए शुरू की गई नवरत्न योजना आज भी अधर में लटकी हुई है और ये कब तक पूरा होगा ये खुद नगर निगम को भी नहीं पता है.

कौन-कौन सी है ये नवरत्न योजना

वेंडिंग ज़ोन- लगभग 14 करोड़ की लागत से रेहरी पटरी वालों के लिए पटना के बोरिंग केनाल रोड में वेंडिंग ज़ोन का निर्माण किया जाना है जो काम अधूरा है.



वेस्ट मेनेजमेंट- कूड़ा निष्पादन के लिए वेस्ट मेनेजमेंट के लिए योजना तैयार की गई थी, जिस पर काम नहीं हो पाया है. अभी शहर के बीच हीं कचरा डम्प किया जा रहा है.
स्मार्ट डस्टबीन- स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट डस्टबीन पूरे पटना में लगाना था, लेकिन ये काम भी पूरा नहीं हुआ. जिस इलाक़े मे ये डस्टबीन लगे भी उसमें से अधिक खुद कचरा बन गये हैं.

मॉड्यूलर टॉयलेट- 2 करोड़ की लागत से पटना में 120 मॉड्यूलर टॉयलेट बनाया गया है, जिसमें या तो ताला लटका है या वे बदहाल स्थिति में हैं.

नालों पर सड़क निर्माण- पटना के मंदिरी और सैदपुर जैसे 9 बड़े नालों को ढंककर उस पर सड़क निर्माण की योजना थी, जिसपर अभी काम भी शुरू नहीं हो पाया है.

मौर्या लोक का रेनोवेशन- पटना के मौर्या लोक मार्केट कोम्पलेक्स का 68 लाख में सौंदर्य करन करना था, लेकिन ये काम भी पूरा नहीं हो पाया है, जबकी इसी में नगर निगम का कार्यालय भी है.

कूड़ा गाड़ी में जीपीएस- सफ़ाई कर्मियों की मॉनिटरिंग के लिए कूड़ा गाड़ियों में जीपीएस लगाने के लिए कई बार टेंडर हो चुका है, लेकिन अब तक ये काम पूरा नहीं हो पाता है.

मे आई हेल्प यू सेंटर- पटना नगर निगम में लोगों की शिकायतों के लिए मे आई हेल्प यू सेवा शुरू करने की योजना बनी थी. इसके लिए लाखों रुपये की मशीन भी ख़रीदी गई, लेकिन ये शुरू नहीं हो पाया.

ऑटो मैप सेवा- पटना में मकान का नक़्शा पास कराने के लिए ऑटो मैप सेवा शुरू की गई थी. इसके तहत ये दावा किया गया था की 20 दिनों में नक़्शा पास किया जाएगा, लेकिन ये सेवा शुरू होते हीं बंद भी हो गई.

नगर निगम का दावा
नगर निगम लगातार ये दावा करता रहा है कि इन योजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा लेकिन ये अब तक पूरा नहीं हो पाया है. नगर निगम की मेयर सीता साहू का कहना है कि लॉकडाउन के चलते काम में देरी हुई है लेकिन अब जल्द अधिकारियों को समय सीमा देकर इसे पूरा कराया जाएगा, हालांकि इन योजनाओं को पूरा नहीं हो पाने के कारन पटनाइट्स कई सेवाओं से वंचित हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading