पटना : इस्तेमाल किए गए पीपीई किट और ग्लब्स फेंके पड़े हैं एनएमसीएच परिसर में

पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) के परिसर का नजारा.

पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) के परिसर का नजारा.

अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और जिसे दोषी पाया गया उसपर कार्रवाई की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2021, 5:40 PM IST
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पटना. बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) के परिसर में इस्तेमाल किए गए पीपीई किट (PPE Kits) , ग्लब्स (globs) समेत अन्य सामान कहीं फेंके नजर आ रहे हैं तो कहीं जलाए जा रहे हैं, जबकि ऐसे सामान नष्ट करने के लिए पूरी गाइडलाइन होती है. जाहिर है इस गाइडलाइन का पालन एनएमसीएच में नहीं किया जा रहा जबकि इस अस्पताल में इन दिनों कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है. एनएमसीएच पटना का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है और वहां दिख रही ऐसी लापरवाही डराने वाली है.

सही तरीके से नहीं हो रहा कचरा प्रबंधन

आपको बता दें कि इस अस्पताल में लगातार संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है. इन मौतों से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. बीते दिन बुधवार को एनएमसीएच में 13 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है, जबकि यहां 93 नए संक्रमित मरीज भर्ती हुए हैं. ऐसी स्थिति में एनएमसीएच अस्पताल के कैंपस में अगर इस्तेमाल किए गए पीपीई किट और ग्लब्स जैसे सामान जलाए जा रहे हैं तो कोरोना संक्रमण के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है.

जांच की जाएगी और दोषी पर होगी कार्रवाई
नालंदा मेडिकल कॉले एंड हॉस्पिटल कैंपस में फेंके गए पीपीई किट और ग्लब्स के बाबात पूछे जाने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अस्पताल में इस्तेमाल किए गए पीपीई किट. ग्लब्स समेत अन्य सामान बड़े थैले में पैक कर रखे जाते हैं. उसके बाद पटना के इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS) के वाहन कचरा लेने आते हैं और ऐसे कचरे को ले जाकर वहां डिस्ट्रॉय किया जाता है. अगर अस्पताल के किसी कर्मचारी ने पीपीई किट और ग्लब्स के कचरे में आग लगाई है, तो इसकी जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी.
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