अपना शहर चुनें

States

बिहार में पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने का फैसला अभी नहीं, 2.50 रुपए का ही फायदा

पेट्रोलियम उत्पादों की फाइल फोटो
पेट्रोलियम उत्पादों की फाइल फोटो

पटना में डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा है कि वह अरुण जेटली की चिट्ठी का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर राज्य की स्थिति अलग होती है और इसे देख कर ही कोई फैसला लिया जाएगा.

  • Share this:
जीएसटी से उम्मीद के मुताबिक टैक्स कलेक्शन नहीं होने के कारण बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर मूल्य संवर्धित कर यानी वैट घटाने का फैसला नहीं किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में हाई लेवल बैठक के बाद आम जनता को राहत देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार शाम पेट्रोल-डीजल के दाम 2.50 रुपए प्रति लीटर घटाने की घोषणा की.  उन्होंने राज्य सरकारों से भी वैट में कमी करने का अनुरोध करते हुए इसके लिए चिट्ठी लिखने की बात कही.

पटना में डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा है कि वह अरुण जेटली की चिट्ठी का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर राज्य की स्थिति अलग होती है और इसे देख कर ही कोई फैसला लिया जाएगा.

हालांकि जेटली के एलान के बाद महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और झारखंड ने भी 2.50 रुपए की कटौती का एलान कर दिया. ये राज्य वैट दरों में समानुपातिक कमी करेंगे.



बिहार में पेट्रोलियम पदार्थों पर 26 फीसदी वैट लगता है. बिहार सरकार ने फरवरी में सरप्लस बजट पेश किया था लेकिन 2018-19 का कुल बजट एक लाख 76 हजार 990 करोड़ रुपए का है और इस अनुपात में कुल राजस्व प्राप्ति सिर्फ एक लाख 58 हजार करोड़ रहने की संभावना जताई गई है.
इस लिहाज से राजकोषीय घाटा जीडीपी के 2.17 प्रतिशत रहने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अगर वैट में कटौती होती है तो बिहार सरकार का घाटा बढ़ेगा और बाजार से लोन बढ़ाना पड़ेगा. लेकिन वित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) के तहत इसकी भी एक सीमा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज