मॉनसून के पहले मंथन: इस बार नहीं डूबेगा पटना, इन आठ बिंदुओं पर बड़ा प्लान तैयार

मॉनसून के पहले पटना को डूबने से बचाने की रणनीति, ये है बाढ़ से बचाने का नया प्लान

मॉनसून के पहले पटना को डूबने से बचाने की रणनीति, ये है बाढ़ से बचाने का नया प्लान

पटना को बारिश के पानी से डूबने से बचाने के लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई है. पटना जिला प्रशासन के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग और पटना नगर निगम, बुडक़ो सहित कई और विभाग के अधिकारियों ने घंटो मंथन किया. मानसूनी बाढ़ को लेकर आठ बिंदुओं पर रणनीति तैयार की.

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पटना. मॉनसून आने के पहले एक बार फिर पटना ( Patna) की बारिश को लेकर लोग अभी से हैरान हैं. क्या इस बार भी बारिश के पानी में पटना के कई इलाके डूब जाएंगे. बिहार सरकार (Bihar Government) के सामने कुछ ऐसे ही सवाल खड़े हो रहे हैं.  ये सवाल इस लिए भी उठ रहा है क्योंकि पटना ने वो मंजर भी देखा है जब बारिश के पानी ने पूरे पटना को अपने आगोश में ले लिया था. दोबारा ऐसे हालात न हों इसके लिए पटना जिला प्रशासन के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग और पटना नगर निगम ( Patna Municipal Corporation) , बुडक़ो सहित कई और विभाग के अधिकारियों ने घंटो मंथन किया. मानसूनी बाढ़ को लेकर आठ बिंदुओं पर रणनीति तैयार की.

पटना में बारिश कहर न बरपाए इसको लेकर अधिकारियों ने कई मुद्दों पर चर्चा की है. बारिश के पिछले असर और डूबने वाले इलाकों पर पूरा सर्वे करने के बाद विभागीय अधिकारी ठोस रणनीति पर काम कर रहे हैं. इस बात पर ज़ोर दिया गया कि तैयारी ऐसी होनी चाहिए की अगर सामान्य से तीन गुणा ज़्यादा भी बारिश होती है तब भी पटना और आसपास उससे नुकसान न पहुंचे. जानिए वो आठ उपाय जो बचाएगा पटना को जल जमाव से बचाने के लिए तैयार किए गए हैं.

सामान्य से तिगुनी वर्षा होने पर जैसी तैयारी होती है वैसी तैयारी पर फोकस

2019 में बारिश की वजह से पटना का जो हाल हो गया था वैसा हाल ना हो इसके लिए शहर के वैसे इलाक़ों पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा. जहां पूरी तैयारी के बावजूद जल जमाव की आशंका बनी रहती है. ऐसे में उन सभी इलाक़ों को चिन्हित कर पहले से ही जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखा जाएगा, ताकि चार घंटे के अंदर इस इलाके से जल निकासी हो सके.
नाला उड़ाही 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य

पटना नगर निगम , दानापुर नगर परिषद ,फुलवारी शरीफ़ नगर परिषद, खगौल नगर परिषद के नाले को 30 ्रअप्रैल तक नाला उड़ाही का काम पूरा कर लेने की तैयारी है. मॉनसून में ढाई महीने का वक्त है, उसके पहले युद्ध स्तर पर तैयारी करनी होगी. इसके लिए मानव बल और मशीनों की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा.

नालों में मशीनों से काम



पटना में जितने भी खुले मेन हॉल , कैचपिट ,खुले नाले और सर्विस नाले हैं उसकी उड़ाही समय रहते पूरी कर ली जाएगी. इस बार 12 नए जेटिंग मशीन और बैंड़ीकूट मशीन से भी नाला उड़ाही की जा रही हैं. नाला उड़ाही में लगी मशीनो में जीपीएस लगाया गया है.

ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी

पटना के अस्थायी 39 ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन में ट्रोली माउंटेड पम्प लगाया गया है. इसके साथ ही सभी डीपी एस की क्षमता बढ़ाने के लिए 37 नए  वीटी पम्प भी खरीदे गए हैं.

कच्चे नालों की उड़ाही

पिछले मॉनसून में जिन स्थानों पर जल निकासी के लिए कच्चे नालों की खुदाई की गई थी. उनमें जल निकासी तेज गति से हो, इसके लिए अप्रैल के अंत तक गंदगी हटा कर नाले की उड़ही कर दी जाएगी.

नाली सडक़ और सीवरेज को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा

नगर निगम ने सख्ती करते हुए तय किया है की 30 अपै्रल तक अतिक्रमण किए हुए नाले, सडक़ और सीवरेज को किसी भी क़ीमत पर हटाया जाएगा.

- बादशाही पाइन, पटना कैनाल, की उड़ाही शुरू किया जाएगा, ताकि पटना में बारिश का पानी तेजी से निकल सके.

- नाला उड़ाही के कार्य की जांच समय- समय पर होती रहेगी, ताकि कोई समस्या हो तो उसका समय पर निराकरण हो सके.

बहरहाल कई घंटे तक चली बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर, पटना नगर निगम आयुक्त हिमांशु शर्मा, बुडक़ो के अधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
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