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बीजेपी-जेडीयू में बढ़ी रार! संजय जायसवाल ने पूछा- क्या मरने वालों के परिवार को भेजा जाएगा जेल? 

बीजेपी-जेडीयू में बढ़ी रार! संजय जायसवाल ने पूछा- क्या मरने वालों के परिवार को भेजा जाएगा जेल? 

Bihar Poisonous Liquor: बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने जहरीली शराब से मौत मामले में जेडीयू से सवाल पूछा है.

Bihar Poisonous Liquor: बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने जहरीली शराब से मौत मामले में जेडीयू से सवाल पूछा है.

Bihar Poisonous Liquor Case: नालंदा जिला में कथित रूप से जहरीली शराब (Poisonous Liquor) पीने से हुई मौत के बाद बिहार की सियासत भी गरमा चुकी है. इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नहीं है, बल्कि सत्ता पक्ष एनडीए के दो प्रमुख घटक दल एक दूसरे पर हमलावर हैं.

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पटना. नालंदा जिला में कथित रूप से जहरीली शराब (Poisonous Liquor) पीने से हुई मौत के बाद बिहार की सियासत भी गरमा चुकी है. इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नहीं है, बल्कि सत्ता पक्ष एनडीए के दो प्रमुख घटक दल एक दूसरे पर हमलावर हैं. नालंदा की घटना पर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने अपने फेसबुक पोस्ट (Facebook Post) के जरिए सहयोगी जदयू से कई सवाल पूछते हुए सरकार और पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं .बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है- नालंदा जिले में जहरीली शराब से 11 मौतें हो चुकी हैं. परसों मुझसे जहरीली शराब पर जदयू प्रवक्ता ने प्रश्न पूछा था. आज मेरा प्रश्न उस दल से है कि क्या इन 11 लोगों के पूरे परिवार को जेल भेजा जाएगा क्योंकि अगर कोई जाकर उनके यहां संतवाना देता तो आपके लिए अपराध है.
संजय जयसवाल ने कहा कि अगर शराबबंदी लागू करना है तो सबसे पहले नालंदा प्रशासन द्वारा गलत बयान देने वाले उस बड़े अफसर की गिरफ्तारी होनी चाहिए क्योंकि प्रशासन का काम जिला चलाना होता है ना कि जहरीली शराब से मृत व्यक्तियों को अजीबोगरीब बीमारी से मरने का कारण बताना. यह साफ बताता है कि प्रशासन स्वयं शराब माफिया से मिला हुआ है और उनकी करतूतों को छुपाने का काम कर रहा है.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दूसरे अपराधी वहां के पुलिस वाले हैं जिन्होंने अपने इलाके में शराब की खुलेआम बिक्री होने दी. 10 वर्ष का कारावास इन पुलिस कर्मियों को होना चाहिए, ना कि इन्हें 2 महीने के लिए सस्पेंड करके नया थाना देना जहां वह यह सब काम चालू रख सकें.
तीसरा सबसे बड़ा अपराधी शराब माफिया है जो शराब की बिक्री विभिन्न स्थानों पर करवाता है. इस को पकड़ना भी बहुत आसान है. इन्हीं पुलिस कर्मियों से पुलिसिया ढंग से पूछताछ की जाए तो उस माफिया का नाम भी सामने आ जाएगा. शराब बेचने वाले और पीने वाले दोनों को सजा अवश्य होनी चाहिए. पर यह उस हाइड्रा की बाहें हैं जिन्हें आप रोज काटेंगे तो रोज उग जाएंगे. जड़ से खत्म करना है तो प्रशासन, पुलिस और माफिया की तिकड़ी को समाप्त करना होगा.

बता दें, सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से किए जाने के मामले में जदयू बीजेपी के बीच शुरू हुई खींचतान शुरू हुई थी. लेकिन अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है क्योंकि जब बीजेपी ने सम्राट अशोक के मामले पर टिप्पणी की थी तो जदयू ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पर जहरीली शराब से मरने वाले के परिजनों को मिलकर मुआवजा देने का मामला उठाया था. नालंदा की घटना ने बीजेपी को एक बड़ा हथियार दे दिया है जिसके बाद बीजेपी अब जदयू पर हमलावर है.

Tags: Bihar Liquor Smuggling, BJP, Poisonous liquor case

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