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वाह रे बिहार पुलिस..दागी अधिकारी के हाथों में दे दी बालू की पहरेदारी, पढ़ें पूरी कहानी

बिहार के एक बालू घाट की तस्वीर

बिहार के एक बालू घाट की तस्वीर

मामला रोहतास के डेहरी अनुमंडल में नियुक्त किए गए नए एसडीपीओ (SDPO) विनोद कुमार राउत से जुड़ा हुआ है. वह उन चार अधिकारियों में शामिल हैं जिनकी नियुक्ति हाल में एसडीपीओ के रूप में की गई है.

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पटना. बिहार पुलिस बालू की पहरेदारी एक दागी अधिकारी के हाथ में है. यूं कहें कि बिल्ली के जिम्मे दूध की सुरक्षा का जिम्मा. यह कहावत बिहार पुलिस पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है. दरअसल बिहार पुलिस मुख्यालय ने बालू की चोरी को रोकने के लिये एक ऐसे अधिकारी को तैनात किया है जिस पर पहले से निगरानी में मामला चल रहा है. प्रदेश की आय का सबसे बड़े जरिया बालू खनन में चल रहे अवैध धंधे पर लगाम लगाने के लिए कुछ दिनों पहले ही चार SDPO का ट्रांसफर किया गया था दलील दी गई उनके कार्य करने का तरीके संतोषजनक नहीं था, साथ ही इन अधिकारियों की बालू खनन में संलिप्तता को लेकर जांच टीम भी बैठा दी गई.

ऐसा लगा कि इस बार वास्तव में सरकार बालू माफियाओं पर लगाम लगाने को गंभीर है मगर फिर हटाए गए चारों SDPO की जगह दूसरे अधिकारियों की पोस्टिंग की गई लेकिन इन चार नामों में एक अधिकारी ऐसा भी है जिस पर पहले से ही निगरानी की जांच चल रही है. उन्हें जिम्मदारी दी जाती है कि वह बालू के अवैध कारोबार पर लगाम लगाएं तो सरकार और पुलिस विभाग की मंशा को लेकर सवाल उठ जाते हैं.

मामला रोहतास के डेहरी अनुमंडल में नियुक्त किए गए नए एसडीपीओ (SDPO) विनोद कुमार राउत से जुड़ा हुआ है. वह उन चार अधिकारियों में शामिल हैं जिनकी नियुक्ति हाल में एसडीपीओ के रूप में की गई है.

आरोप है कि विनोद कुमार राउत पर पहले से ही अवैध उगाही एक पुराने मामले में निगरानी जांच चल रही है, ऐसे में बिहार के गृह विभाग ने एक दागी अफसर को बालू की रखवाली की जिम्मेदारी सौंप दी है. विनोद कुमार राउत उन अधिकारियों में शामिल रहे हैं जिन पर आरोप है कि उनकी पोस्टिंग जहां भी रही उन पर गंभीर आरोप लगे हैं. उदाहरण के लिए जब झाझा के SDPO थे तब भी उन पर पद के दुरुपयोग का भी आरोप लगा था निगरानी में इसकी जांच जारी है. गृह विभाग के आदेश पर उनकी संपत्ति की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दी गई निगरानी में इसकी जांच जारी है जांच एजेंसी अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है.

गृह विभाग के आदेश एच-1/2017 गृह आरक्षी जमुई के आधार पर यह जांच शुरू की गई है वहीं उन्हें जमुई से हटाकर स्पेशल ब्रांच में कर दिया गया था. गौरलतलब है कि बालू के अवैध खनन में पुलिस के अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े 41 अधिकारियों पर गाज गिरी है इनमें भोजपुर व औरंगाबाद के तत्कालीन SP पालीगंज डेहरी ऑन सोन, आरा और औरंगाबाद सदर के एसडीपीओ भी शामिल थे. इन्हीं चार जगहों पर एसडीपीओ की तैनाती पुलिस मुख्यालय द्वारा 18 जुलाई को की गई है. जिसमें डेहरी का एसडीपीओ विनोद कुमार राउत को बनाया गया है  इनके खिलाफ निगरानी जांच के संबंध में पुलिस मुख्यालय का पक्ष लेने का प्रयास किया गया पर अधिकारियों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

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