बिहार में पारा मिलिट्री और STF के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान नक्सली हमले का खतरा, अलर्ट जारी

बिहार में बढ़ा नक्सली हमले का खतरा (सांकेतिक चित्र)

बिहार में बढ़ा नक्सली हमले का खतरा (सांकेतिक चित्र)

बिहार में हाल के दिनों में अर्धसैनिक बल और बिहार STF नक्सलियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चला रही है. इस दौरान कई हार्डकोर नक्सली STF के गिरफ्त में आये हैं.

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पटना. छत्तीसगढ़ में हुए बड़े नक्सली हमले (Chattishgarh Naxal Attack) के बाद अब नक्सलियों की नजर बिहार पर है. इस बात की खुफिया जानकारी सेंट्रल खुफिया विभाग और बिहार पुलिस (Bihar Police) की खुफिया एजेंसियों ने बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police Head Quarter) को दी है. खुफिया विभाग से मिली इस अहम इनपुट के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित सभी जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है. पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी अलर्ट में नक्सल प्रभावित इलाकों में पहले के मुकाबले अब अधिक चौकसी बढ़ाने और नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखने को कहा गया है.

अर्द्धसैनिक बल और विशेष पुलिस दल साझा तौर पर चला रही है विशेष अभियान 

बताते चलें कि इन दिनों अर्धसैनिक बल और बिहार STF नक्सलियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चला रही है. इस दौरान कई हार्डकोर नक्सली STF के गिरफ्त में आये हैं. इन नक्सलियों के पास से STF ने भारी मात्रा में असलहा गोली बारूद भी बरामद किया है, जिससे नक्सली संगठन के दूसरे सदस्य बेहद आक्रोशित हो चुके हैं. खुफिया विभाग को जो अहम जानकारी मिली है उसके मुताबिक बिहार के नक्सल प्रभावित इलाके में सक्रिय नक्सली संगठन के लोग किसी भी वक़्त बड़ी नक्सली बारदात को अंजाम दे सकते हैं, इसकी पूरी तैयारी नक्सली संगठन के लोगों ने कर रखा है.

पहले भी नक्सलियों ने कई बड़ी वारदात को दे चुके है अंजाम
गौरतलब है कि पूर्व के कुछ वर्षों में बिहार के जमुई, जहानाबाद, गया, औरंगाबाद, बांका समेत कुछ जिलों में नक्सलियों ने शासन प्रशासन को खुली चुनौती दी है और बड़े हमले कर चुके हैं, जिसमें कई पुलिसकर्मी शहीद हुए तो जहानाबाद जेल ब्रेक कर नक्सलियों ने अपने संगठन के नेता अजय कानू समेत कुछ साथियों छुड़ाकर ले गए थे.

हालिया वर्षों में बिहार में हुए कुछ बड़ी नक्सली हमले

4 जुलाई 2014 को जमुई में सीआरपीएफ की 7 वीं बटालियन के द्वितीय कमांडिंग अफसर हीरा कुमार झा शहीद हुए.



18 जुलाई 2016 को गया के डुमरिया नाले के पास नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में कोबरा के 10 जवान शहीद हुए.

7 अप्रैल 2014 औरंगाबाद में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 2 जवान की मौत हो गई और 7 जवान घायल हुए थे.

30 दिसंबर 2018 औरंगाबाद में नक्सली हमले में BJP एमएलसी राजेंद्र कुमार सिंह के चाचा की मौत 100 से ज्यादा राउंड फायरिंग 10 वाहनों में लगायी थी आग.

STF की सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिये सेटेलाइट फोन की हो रही है खरीदारी 

दरअसल बिहार पुलिस की STF यूनिट नक्सल ऑपरेशन में भी बड़े पैमाने पर अपनी भूमिका निभाती रही है. इस दौरान उन्हें बीहड़ जंगलों में रहना पड़ता है जहां नेटवर्क की काफी समस्या होती है. सैटेलाइट फोन की सुविधा होने से नेटवर्क प्रॉब्लम की समस्या का समाधान हो जाएगा. बिहार पुलिस ने फिलहाल 7 लेटेस्ट सैटेलाइट फोन खरीदने का फैसला लिया है, हालांकि यहां यह भी बताते चलें कि बिहार पुलिस के पास पूर्व से भी कुछ सेटेलाइट फोन हैं जो बीहड़ जंगलों में उम्दा काम नहीं करती है, यही बजह है कि इस बार बिहार पुलिस मुख्यालय ने पूर्व के सेटेलाइट फोन के मुकाबले और अधिक उच्च श्रेणी के सेटेलाइट फोन की खरीदिरी कर रही है ताकि STF के जवान जब घने जंगलों में रहे तो उन तक सूचनाएं पहुंचती रहे और वो अपने मिशन में कामयाब होते रहें.
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