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देशद्रोह का मामला: शरजील इमाम की तलाश में पटना में पुलिस ने मारे थे 3 जगह छापे
Aligarh News in Hindi

News18 Bihar
Updated: January 27, 2020, 1:55 PM IST
देशद्रोह का मामला: शरजील इमाम की तलाश में पटना में पुलिस ने मारे थे 3 जगह छापे
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील इमाम. (फाइल फोटो)

देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद अंडरग्राउंड चल रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के पूर्व छात्र शरजील इमाम (Sharjeel Imam) की तलाश में पुलिस ने पटना में भी 25 जनवरी की रात को छापेमारी की थी.

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पटना. देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के पूर्व छात्र शरजील इमाम (Sharjeel Imam) अंडरग्राउंड हो गए हैं. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है. पुलिस ने उसकी तलाश में पटना में भी 25 जनवरी की रात को छापेमारी की थी. पटना पुलिस ने उसके तीन ठिकानों पर छापेमारी की थी. शरजील इमाम पटना आने पर जहां-तहां अपने जानने वाले लोगों के यहां ठहरता था. इसी कारण से पुलिस ने पटना में छापेमारी की थी लेकिन इस छापेमारी में शरजील के बारे में कुछ खास जानकारी नहीं मिल सकी.

असम को देश से अलग करने की बात करने वाला वीडियो हुआ है वायरल
बीजेपी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया था. इसमें शरजील इमाम (Sharjeel Imam) नाम का एक शख्स असम को भारत से अलग करने की बात करता दिख रहा है. वीडियो शेयर करते हुए संबित पात्रा ने लिखा था- दोस्तों, शाहीन बाग की असलियत देखें. इस वीडियो में शरजील कह रहा है, 'असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी वह हमारी बात सुनेंगे. असम में मुसलमानों का क्या हाल है, आपको पता है क्या? वहां एनआरसी लागू हो गया है. मुसलमान डिटेंशन कैंप में डाले जा रहे हैं...6-8 महीनों में पता चलेगा कि सारे बंगालियों को मार दिया गया. वहां...अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा.' न्यूज़ 18 इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

जेएनयू से पीएचडी कर चुका है शरजील इमाम

शरजील इमाम बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है. शरजील इमाम ने IIT बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. खबर है कि शरजील ने कुछ दिनों तक वहां पढ़ाया भी है. ग्रेजुएशन के बाद दो साल तक उसने बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में डेवलपर के तौर पर काम किया. साल 2013 में जेएनयू में आधुनिक इतिहास में मास्टर्स करने के लिए प्रवेश किया है. इसके बाद उसने एमफिल और फिर पीएचडी भी किया.

आइसा में रह चुका है दो साल तक सक्रिय 
शरजील आइसा में दो साल तक सक्रिय रहा और एक साल के लिए इसकी कार्यकारिणी का सदस्य भी रहा. उसने आइसा के प्रत्याशी के तौर पर काउंसलर पद के लिए 2015 का जेएनयूएसयू चुनाव लड़ा था. बताया जा रहा है कि शरजील शाहीन बाग में हो रहे धरना-प्रदर्शन का मुख्य आयोजक था. वह सोशल मीडिया पर लोगों से इस धरने में शामिल होने की लगातार अपील करता था. अपने एक ट्वीट में शरजील ने लिखा था, 'शाहीन बाग का मॉडल चक्का जाम का है, बाक़ी सब सेकेंडरी हैं, चक्का जाम और धरने में फ़र्क समझिए, हर शहर में धरने कीजिए, उसमें लोगों को चक्का जाम के बारे में बताइए और फिर तैयारी करके हाईवेज पर बैठ जाइए.'ये भी पढ़ें - 

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First published: January 27, 2020, 1:52 PM IST
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