Bihar Assembly Election: 15 प्रतिशत मुस्लिम वोटरों को साधने की कोशिश में JDU, नीतीश को बताया सबसे बड़ा हितैषी 

मुसलमानों के लिए आयोजित वर्चुअल कांफ्रेंस को संबोधित करते जेडीयू के नेता
मुसलमानों के लिए आयोजित वर्चुअल कांफ्रेंस को संबोधित करते जेडीयू के नेता

Bihar Assembly Elections: बिहार में किसी भी समय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है, ऐसे में जेडीयू-राजद समेत असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) की भी नजर बिहार के 15 फीसदी मुस्लिम वोटर्स को अपने पाले में करने पर है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 20, 2020, 8:35 AM IST
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पटना. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) को लेकर सभी राजनीतिक दलों की नजर सूबे के 15 प्रतिशत मुस्लिम वोटरों पर टिकी है. अभी तक राजद (RJD) और कांग्रेस (Congress) के वोट बैंक माने जाने वाले मुस्लिम वोटरों पर जेडीयू (JDU) ने भी निगाहे गड़ा रखी है वो भी NRC और NPR जैसे मुद्दे के बीच, लेकिन नीतीश कुमार ने मास्टर स्ट्रोक मारते हुए सदन में NRC और NPR जैसे मुद्दे पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राजद और कांग्रेस को झटका देने की कोशिश की है बावजूद इसके मुस्लिम वोटर का झुकाव जेडीयू की तरफ हो जाएगा ये आसान नहीं है. बिहार में ही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी मुस्लिम वोटरों पर अपनी निगाहे गड़ाए हुए है.

जेडीयू के मुस्लिम लीडर और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के MLC खालिद अनवर की अगुवाई में मुसलमानों की तरक्की में नीतीश कुमार का किरदार नाम से वर्चुअल कॉन्फ़्रेन्स का आयोजन किया जिसमें बिहार के तमाम जिलों से खासकर मुस्लिम बहुल इलाके से बड़ी संख्या में जेडीयू के मुस्लिम नेता और कार्यकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े. इस दौरान जेडीयू के मुस्लिम विधायक मास्टर मुजाहिद और नौशाद आलम भी थे वहीं पटना से बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और मंत्री नीरज कुमार भी इस सम्मेलन से जुड़े

वक्ताओं ने जब बोलना शुरू किया तो एक सुर में बताते चले कि पहले मुसलमानो के लिए मात्र 17 करोड़ का बजट हुआ करता था लेकिन आज वही बजट 2200  करोड़ तक पहुंच गया है. भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने अपने 15 साल के शासन काल में मुस्लिम समुदाय के लिए विकास का जितना कार्य किया उतना आज तक किसी ने नहीं किया लेकिन बावजूद इसके मुस्लिम समुदाय ने उन्हें उतना सहयोग नही दिया. इसके पहले की सरकार ने मुस्लिम समुदाय को सिर्फ वोट बैंक बना कर रखा था लेकिन नीतीश कुमार में मुस्लिमों को कभी वोट बैंक नहीं माना.



बिहार के सूचना जन सम्पर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि मुस्लिम धर्म में शराब, अवैध कमाई को हराम माना गया है. नीतीश कुमार ने शराब बंदी करवा कर मुस्लिम धर्म के लिए कितना बड़ा काम किया, वहीं पिछली सरकार में मुस्लिम समुदाय के विकास के नाम पर मात्र क़ब्रिस्तान की घेराबंदी ही कराई जाती थी लेकिन आज मुस्लिम महिलाएं हो,  मुस्लिम युवा हो, बच्चियां हो तालीम से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था कराई गई है.
वर्चुअल कॉन्फ़्रेन्स के आयोजन करने वाले JDU MLC खालिद अनवर ने कहा कि नीतीश कुमार के राज आने से पहले मुस्लिम समुदाय का क्या हाल था. मुस्लिम युवाओं में बेरोजगारी चरम पर थी. दहशत के साए में मुस्लिम रहते थे लेकिन नीतीश कुमार ने अपने शासन काल में मुस्लिम समाज के विकास के कई ऐसे कार्य किए जिसकी वजह से आज मुस्लिम समाज तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं जब से नीतीश कुमार ने सत्ता सम्भाला है कोई भी ऐसा विवादास्पद मुद्दा बिहार में हावी नहीं हो पाया जिसे लेकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई. NRC और NPR जैसे मुद्दे पर भी नीतीश कुमार ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है.

जेडीयू के वर्चुअल आयोजन पर राजद विधायक शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि बिहार के मुस्लिम समुदाय के लोग बहुत अच्छे से जानते हैं कि उनका सबसे बड़ा हितैषी कौन है. लालू जी ने मुस्लिम समुदाय को बराबरी का हक दिया जबकि नीतीश कुमार कई बार तो खुल कर विरोध भी नहीं कर सके खास कर ऐसे समय जब मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कोई विवादास्पद मुद्दा सामने आया. इस बार बिहार के मुस्लिम समुदाय के लोग बहुत अच्छे से देख रहे है की उनका हितैषी कौन हैं.
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