Home /News /bihar /

'शूर्पणखा' से 'जल्लाद' तक कुछ इस कदर बिहार में गिर रही नेताओं की भाषायी मर्यादा

'शूर्पणखा' से 'जल्लाद' तक कुछ इस कदर बिहार में गिर रही नेताओं की भाषायी मर्यादा

सांकेतिक चित्र

सांकेतिक चित्र

लालू की गैरमौजूदगी में चुनाव की कमान संभाल रहे तेजस्वी इस मामले में कहीं आगे हैं. उनके ट्वीट और फेसबुक पोस्ट्स तक में कई ऐसे शब्द होते हैं जो विरोधियों को चुभ जाते हैं.

    लोकसभा चुनाव को लेकर पूरे देश में राजनीति का दौर अपने चरम पर है. वोटों के लिए नेता जनता को तो लुभा ही रहे हैं लेकिन इसके साथ ही विरोधियों पर उनके हमलावार तेवर भी लगातार तेज हो रहे हैं. इन सब के बीच अगर समाप्त होती दिख रही है तो वो है भाषा का स्तर और शब्दों का चयन. बिहार के संदर्भ में ये कहानी और सही साबित हो जाती है जब नेता एक दूसरे पर शब्दभेदी बाण चलाने में शब्दों की मर्यादा को ताक पर रख जाते हैं.

    ये भी पढ़ें- जेल में बंद लालू ने नीतीश को लिखी चिट्ठी, कहा- तीर का ज़माना अब लद गया

    बिहार के नेताओं के बीच की जुबानी लड़ाई शूर्पणखा से लेकर डायनासोर तक जा पहुंची है और इसमें रोजाना दो-चार नए अध्याय जुड़ जाते हैं. बिहार में जुबानी हमला करने वालों की जमात काफी बड़ी है और इसमें जेडीयू-बीजेपी से लेकर कांग्रेस और जाप जैसी पार्टियों के नेता भी शामिल हैं. जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने लालू की बड़ी बेटी और राजद की राज्यसभा सांसद मीसा भारती को शूर्पणखा कहा था तो तेजस्वी ने जदयू को डायनासोर कहा था.

    ये भी पढ़ें- करीब 3.5 घंटे बाद ग्रामीणों की 'कैद' से आजाद हुए BJP सांसद

    तेजस्वी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि 23 मई के बाद एनडीए के लोग डायनासोर की तरह गायब होने वाले हैं. उन्होंने इस हमले में खास तौर पर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा था जिनके एनडीए में वापस जाने के बाद से ही पलटू चाचा कहते आ रहे हैं. नीतीश को डायनासोर कहे जाने के मसले में  जेडीयू ने न केवल जवाब दिया बल्कि पलटवार भी किया. जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने लगे हाथों तेजस्वी को शुतुरमुर्ग करार देते हुए कहा था कि उनको समझ नहीं आ रहा है कि गर्दन छिपा लेने से आंधी नहीं निकल जाएगी.

    ये भी पढ़ें- बहन का तिलक चढ़ाने गए भाई की वापस लौटी लाश, मातम में बदल गई शादी की खुशियां

    इससे पहले जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने राजद प्रमुख लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती को रावण की बहन शूर्पणखा बताया था. उन्होंने लालू परिवार में मचे झगड़े पर चुटकी लेते हुए कहा था कि जिस तरह शूर्पणखा रावण और विभीषण के बीच झगड़ा लगाती थी, उसी तरह मीसा तेजप्रताप और तेजस्‍वी के बीच में झगड़ा लगाती हैं.

    मीसा पर हुए हमले के जवाब में राजद के विजय प्रकाश ने जदयू ही राक्षसी समाज तक कह डाला था. लालू की गैरमौजूदगी में चुनाव की कमान संभाल रहे तेजस्वी इस मामले में कहीं आगे हैं. उनके ट्वीट और फेसबुक पोस्ट्स तक में कई ऐसे शब्द होते हैं जो विरोधियों को चुभ जाते हैं.

    नीतीश कुमार को लगभग हर रैली में उन्होंने जनादेश चोर और पलटू चाचा कहकर संबोधित किया है तो मनुवादी संस्कृति, सामंती सोच सरीखे शब्द भी उनके प्रचार में विरोधियों पर हमले का हिस्सा बनते रहे हैं. तेजस्वी के साथ उनकी मां यानी राबड़ी देवी भी कई बार विरोधियों पर निशाना साधते हुए भाषा की मर्यादा भूल बैठी हैं और उनके निशाने पर एनडीए के कई नेता रहे हैं.

    Tags: Bihar Lok Sabha Elections 2019, Bihar News, Lok sabha elections 2019, PATNA NEWS

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर