चिराग पर बागी लोजपा सांसद बोले- पॉलिटिक्स में सिर्फ इमोशन से काम नहीं होता, यह बात भी है बेहद जरूरी

पशुपति कुमार पारस, दिवंगत रामविलास पासवान और चिराग पासवान. (फाइल फोटो)

LJP's political controversy: लोजपा सांसद महबूब अली कैसर ने कहा कि पॉलिटिक्स में सिर्फ इमोशन और भावना से काम होता नहीं है. आपको नीति ठीक रखनी पड़ेगी यह बेहद आवश्यक है.

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    पटना. लोक जन शक्ति पार्टी के 6 सांसद थे, इनमें से पांच ने बगावत कर लोकसभा स्पीकर से इसके लिए गुजारिश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया. इसी के साथ चिराग पासवान को लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह सूरजभान को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, सूरजभान पार्टी के नए अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराएंगे. माना जा रहा है कि यथाशीघ्र राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुला कर नए अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा. इससे पहले एलजेपी ने चिराग पासवान को पार्टी के संसदीय दल के नेता पद से भी हटा दिया था. आज लोक जनशक्ति पार्टी के लिए बड़ा दिन है जब पशुपति कुमार पारस अपने समर्थक सांसदों के साथ पटना में लोजपा कार्यालय पहुंचेंगे.

    हालांकि उनके आने के पहले एहतियातन पार्टी कार्यालय बंद कर दिया गया है. दरअसल मंगलवार को चिराग पासवान के समर्थक लोजपा कार्यालय पहुंच हंगामा किया था. लोजपा के दो बड़े नेता पशुपति कुमार पारस और चिराग़ पासवान के जैसे तेवर है उसे देखते हुए अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि माहौल तनाव पूर्ण हो सकता है. आखिर पार्टी में यह नौबत आई क्यों? इसको लेकर न्यूज 18 संवाददाता आनंद अमृतराज ने पार्टी के बागी सांसद महबूब अली कैसर से सीधा सवाल पूछा. पार्टी के भीतर उथल-पुथल को लेकर उन्होंने अपनी बात बड़ी बेबाकी से रखी.

    महबूब अली कैसर ने कहा कि इसकी कवायद कई महीनों से चल रही थी. बिहार विधानसभा चुनाव में जिस तरह से एनडीए में रहते हुए भी जदयू के खिलाफ होने के लिए चिराग पासवान ने निर्देश दिए, यह पार्टी के अधिकतर नेताओं को नागवार गुजरा. नाराजगी की सबसे बड़ी वजह यही रही कि एनडीए में रहते हुए भी गठबंधन धर्म से नहीं निभाया गया. सबों को इस बात की नाराजगी थी. हमने इस बात का विरोध किया था और यह कहा था कि एनडीए में रहते हुए सारे लोग साथ लड़ें तो जीत आसान होगी.

    महबूब अली कैसर ने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ चिराग पासवान के चलाए गए अभियान पर भी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल डिफरेंसेज किसी के साथ भी हो सकता है, लेकिन जिस तरह से अटैक हुआ, वह कहीं से भी उचित नहीं था. नीतीश कुमार पांच बार के सीएम रहे हैं. उन्होंने बिहार के विकास के लिए बहुत अच्छा काम किया है. कमी तो हर किसी के काम में रहती ही है, लेकिन इसको लेकर चिराग के सीएम नीतीश पर अटैक करने का एक तरीका था वह गलत था.

    महबूब अली कैसर ने दिवंगत रामविलास पासवान को याद करते हुए कहा कि वे अगर होते तो न तो चुनाव में एनडीए से अलग लड़ने की नौबत आती और न ही पार्टी में बिखराव की यह  स्थिति ही आती. लोजपा सांसद ने आगे और क्या कुछ कहा यह सब आप वीडियो में देख-सुन सकते हैं.



    लोजपा सांसद ने कहा कि पार्टी के  बहुत सारे लोगों की शिकायत थी कि कम्युनिकेशन नहीं रहता था. हालांकि मैं जब भी चाहता था बात हो जाती थी, लेकिन पार्टी के अधिकतर कार्यकर्ताओं की यही शिकायत थी. एक्सेसिबिलिटी की कमी थी.चिराग पासवान अच्छे नेता के तौर पर शुरुआत अच्छी की थी, लेकिन नेता का सबसे पहला काम है कि आप अपने लोगों की बातों को सुनें. आप कुछ सुनना अगर पसंद नहीं करेंगे तो कैसे बात होगी. यह उनकी अनुभवहीनता को ही बताता है.

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