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COVID-19: कोटा पर गरमाई राजनीति! विपक्ष ने नीतीश पर उठाया सवाल तो NDA ने दिया ये जवाब

बिहार में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसके साथ ही चुनौतियां भी बढ़ती जा रही है.
बिहार में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसके साथ ही चुनौतियां भी बढ़ती जा रही है.

कोटा में फंसे छात्रों को लेकर आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने सीएम नीतीश कुमार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अपनी जिद छोड़नी चाहिए.

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पटना. राजस्थान के कोटा (Kota) में रह रहे बिहार के छात्रों को वापस बुलाने के मामले में राजनीति तेज हो गई है. आरजेडी और कांग्रेस ने जहां नीतीश कुमार पर जिद छोड़ने और छात्रों को बुलाने की बात कही है, वहीं जेडीयू ने कांग्रेस पर छात्रों की मदद नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया है.

आरजेडी और कांग्रेस ने छात्रों को बुलाने की मांग की
कोटा में फंसे छात्रों को लेकर आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने सीएम नीतीश कुमार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अपनी जिद छोड़नी चाहिए. छात्र कोटा में अनशन पर बैठे हुए हैं, बीजेपी सरकार अपने छात्रों को बुला रही है फिर बिहार सरकार क्यों जिद पकड़े हुए है? कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने बिहार सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब बीजेपी विधायक को अपनी बेटी को लाने की छूट मिल सकती है फिर दूसरे छात्रों को क्यों नहीं लाया जा सकता.


एनडीए ने बताया राजस्थान सरकार मदद पहुंचाने में फेल


कोटा में फंसे छात्रों को लेकर विपक्ष भले ही सवाल खड़े कर रही हो पर एनडीए का मानना है कि यह छात्रों के हित में उठाया गया फैसला है. जेडीयू नेता और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार के छात्रों के कारण कोटा का विकास हुआ है. आज जब छात्रों को मदद पहुंचाने की बात आ रही ही तो सरकार पीछे हट रही है. राजस्थान की कांग्रेस सरकार फेल है और ऐसे समय में भी राजनीति कर रही है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा है कि ऐसे कठिन समय में विपक्ष ओछी राजनीति कर रहा है. यह समय सबके मिलकर खड़े रहने का है.

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि नीतीश सरकार का फैसला सही
कोटा में फंसे छात्रो को लेकर बिहार में राजनीति भले ही शुरू हो गई हो ले‍किन विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सीएम नीतीश कुमार का फैसला तर्कसंकत और छात्र हित में है. वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक कन्हैया भेल्लारी ने कहा कि नीतीश कुमार का यह फैसला लोगों को भले ही कठोर लग रहा हो पर छात्रों का जीवन बचाने वाला है. नीतीश कुमार ने WHO और केंद्र के गाइडलाइन के अनुसार फैसला लिया है. ऐसे समय में राजनीति बंद होनी चाहिए.

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