'ठीके तो है नीतीश कुमार' पर RJD का पलटवार- 'बिहार जो है बीमार'... पढ़ें पूरा मामला

लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने जो पोस्टर लगाया है उसमें भी ठेठ बिहारी शैली में जेडीयू के पोस्टर का जवाब दिया गया है. इसमें लिखा है, 'क्यों ना करें विचार, बिहार जो है बीमार.'

News18 Bihar
Updated: September 3, 2019, 3:07 PM IST
'ठीके तो है नीतीश कुमार' पर  RJD का पलटवार- 'बिहार जो है बीमार'... पढ़ें पूरा मामला
जेडीयू के पोस्टर के जवाब में आरजेडी ने भी पोस्टर लगाया.
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Updated: September 3, 2019, 3:07 PM IST
पटना: बिहार की राजधानी में जनता दल यूनाइटेड ( Janta Dal United) के कार्यालय के बाहर पार्टी ने बड़ा सा होर्डिंग (Hording) लगाया है. इसमें लिखा है- 'क्यों करें विचार ठीके तो हैं नीतीश कुमार'. खास बिहारी भाषा की खुशबू बिखेरने वाले अंदाज में लिखे गए इस नारे में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि जब प्रदेश में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सबसे बेहतर हैं तो दूसरे नामों पर कोई विचार ही क्यों किया जाए. हालांकि विपक्षी पार्टियों को ये नारा रास नहीं आ रहा है. अब उसी अंदाज में राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janta Dal) ने भी एक पोस्टर लगा दिया है.

लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने जो पोस्टर लगाया है उसमें भी ठेठ बिहारी शैली में जेडीयू के पोस्टर का जवाब दिया गया है. इसमें लिखा है, 'क्यों ना करें विचार, बिहार जो है बीमार.'

RJD POSTER
JDU के पोस्टर के जवाब में RJD ने लगाया पोस्टर.


हालांकि RJD के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने जेडीयू के लगाए पोस्टर को सत्तालोलुपों की साजिश कहा है. उन्होंने कहा, ये जेडीयू के वैसे लोगों द्वारा जो सत्ता में बना रहना चाहते हैं उन्हीं लोगों ने यह पोस्टर लगवाया है.

वहीं, आरजेडी के पोस्टर पर जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि इस पोस्टर को आरजेडी को अपना टैग लाइन बनाना चाहिए. हत्या अपहरण नरसंहार किसकी पहचान है, ये जनता जानती है. आरजेडी को नैतिक अधिकार नहीं इस तरह का फटेहाल नारा जनता के सामने लाने का.

जबकि आरजेडी विधायक विजय प्रकाश कहते हैं कि जेडीयू ने अपने नारों से ही हकीकत बयान कर दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 'ठीके हैं' न कि 'ठीक हैं'. नीतीश को जद(यू) भी अब मजबूरी का मुख्यमंत्री मान रहा है.

नीतीश कुमार, जेडीयू
पटना स्थित जेडीयू दफ्तर के बाहर लगा नीतीश कुमार का नया पोस्टर

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वहीं, आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह कहते हैं कि 'ठीके हैं' और 'ठीक हैं' में बड़ा अंतर है. इसे और स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि 'ठीके हैं' का मतलब कामचलाऊ होता है. ऐसे में नीतीश की स्थिति को समझा जा सकता है.

वहीं, जेडीयू एमएलसी ग़ुलाम रसूल बलियावी ने सीएम नीतीश कुमार के पोस्टर का समर्थन करते हुए कहा, कर लिया है जनता ने विचार, फिर रहेंगे नीतीशे कुमार. वहां  कोई वेकेंसी नहीं है.

नेटवर्क इनपुट

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First published: September 3, 2019, 2:58 PM IST
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