चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के सियासी करियर का आगाज़, JDU में हुए शामिल

प्रशांत किशोर ने रविवार को जेडीयू कार्यकारिणी की बैठक से पहले मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के समक्ष पार्टी की सदस्यता ली.

News18 Bihar
Updated: September 16, 2018, 11:29 AM IST
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के सियासी करियर का आगाज़, JDU में हुए शामिल
प्रशांत किशोर और नीतीश कुमार की फाइल फोटो
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Updated: September 16, 2018, 11:29 AM IST
सियासी रणनीतिकार प्रशांत किशोर  ने जेडीयू की सदस्यता ले ली है. पटना में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस दौरान पार्टी के सभी वरीय नेता मौजूद रहे. पार्टी की ये बैठक सीएम नीतीश कुमार के आवास पर ही चल रही है.

41 साल के प्रशांत किशोर के राजनीति में आने की अटकलें लगातार चल रही थीं जिसके बाद इसकी रविवार को इसकी पुष्टि भी हुई. किशोर 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी, बिहार में 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन और 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के लिए काम कर चुके हैं.

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पीके के नाम से मशहूर प्रशांत किशोर को एक समय चुनाव में जीत की गारंटी माना जाता है. साल 2014 के चुनाव प्रचार में बीजेपी के प्रचार को उन्होंने 'मोदी लहर' में बदल दिया था और नतीजा बीजेपी की बंपर जीत के तौर पर सामने आया था. वहीं बिहार के विधानसभा चुनावों में मोदी लहर के बावजूद जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस महागठंबधन को जीत दिलाने में  उनकी अहम भूमिका मानी गई.

पीके ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मतभेद की खबरें आने के बाद एनडीए और बीजेपी का साथ छोड़ा और उन्होंने साल 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस) के लिये प्रचार की कमान संभाल ली.

2015 के इस चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था और बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई में महागठबंधन की सरकार बनी थी. मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले प्रशांत किशोर की जेडीयू में चुनाव से ठीक पहले होने वाली इंट्री ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में फिर से सुगबुगाहट तेज कर दी है. प्रशांत किशोर को नीतीश ने अपनी सरकार में कैबिनेट मंत्री के दर्जे वाला पद दिया था हालांकि उनको ये सुविधा और पद ज्यादा दिन नहीं मिल सका था.

पीके की जेडीयू में इंट्री के बाद इस बात के भी कयास लगने शुरु हो गये हैं कि उन्हें जेडीयू बक्सर सीट से एनडीए का उम्मीदवार बनायेगी.
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