मोतिहारी बना भारत-नेपाल संबंधों का नया पुल, पेट्रोलियम पाइपलाइन से जुड़े दोनों देश

News18 Bihar
Updated: September 11, 2019, 10:49 AM IST
मोतिहारी बना भारत-नेपाल संबंधों का नया पुल, पेट्रोलियम पाइपलाइन से जुड़े दोनों देश
भारत-नेपाल पाइपलाइन की शुरुआत हो गई. इस मौके पर PM मोदी बोले- पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों में आई है काफी नजदीकी.

यह पाइपलाइन नेपाल के अमलेखगंज से मोतिहारी (Motihari-Amlekhganj (Nepal) petroleum product pipeline) के बीच बिछाई गई है.

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मोतिहारी.  भारत और नेपाल अब पेट्रोलियम पाइप लाइन (Indo-Nepal Petroleum Pipe Line) के जरिये भी आपस में जुड़ गया है. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Nrendra Modi) और नेपाल के उनके समकक्ष केपी शर्मा ओली (KP sharma Oli) ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए उद्घाटन किया. यह दक्षिण एशिया में दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा के आर-पार बनी पहली पाइपलाइन परियोजना (Pipeline Project ) है.

मोतिहारी से अमलेखगंज तक पाइपलाइन
यह पाइपलाइन नेपाल के अमलेखगंज से बिहार से मोतिहारी (Motihari-Amlekhganj (Nepal) petroleum product pipeline) के बीच बिछाई गई है. जाहिर है दोनों देशों के रिश्तों को नया आयाम देने वाली इस परियोजना के लिए मोतिहारी जिले ने एक पुल का काम किया है.

पीएम मोदी बोले- भारत-नेपाल और नजदीक हुए

उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'मई 2019 में भारत की नेपाल के प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान यात्रा के दौरान, हम पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स के जल्द उद्घाटन पर सहमत हुए थे. मुझे खुशी है कि हमारी संयुक्त कोशिशों से हमारे दि्वपक्षीय प्रोजेक्ट्स प्रगति कर रहे हैं और आज हम मोतिहारी-अमलेखगंज पाइप लाइन के संयुक्त उद्घाटन में भाग ले रहे हैं.

2018 में किया था परियोजना का शिलान्यास
गौरतलब है कि इस पाइप लाइन का शिलान्यास चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने 10 अप्रैल 2018 को किया था. करीब डेढ़ साल बाद इसका उद्घाटन दिल्ली से रिमोट के जरिये पीएम मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री ने काठमांडू से रिमोट के जरिये किया.
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indo-nepal pipeline
30 महीने के निर्धारित समय के बदले महज 15 महीने में ही परियोजना पूरी हो गई.


निर्धारित समय से आधे वक्त में ही पूरी हुई परियोजना
बता दें कि इस परियोजनों को पूरा करने के लिए 30 महीने की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन यह महज 15 महीने में ही पूरी कर ली गई. गौरतलब है कि 69 किलोमीटर लंबी इस  पेट्रोलियम पाइपलाइन परियोजना से हर साल नेपाल सरकार को 02 अरब रुपये का लाभ मिलेगा.

परिवहन खर्च में आएगी भारी कमी
इस पाइप लाइन  के शुरू होने से परिवहन खर्च ओर वाहनों की भीड़ में कमी आएगी. साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी और दुर्घटनाओ पर भी रोक लग पाएगी. वहीं इससे महत्वपूर्ण काफी लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे.

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यह पाइपलाइन नेपाल के अमलेखगंज से बिहार से मोतिहारी के बीच बिछाई गई है.


नेपाल-भारत को होगी भारी बचत
बता दें कि भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) ने नेपाल ऑयल कारपोरेशन के साथ तालेमल कर 324 करोड़ रुपये की लागत से यह लाइन बिछाई है. हर साल इस पाइपलाइन से नेपाल को 20 लाख टन स्वच्छ पेट्रोलियम उत्पाद सस्ते दामों पर मिलेंगे.

गौरतलब है कि बिहार में बेगूसराय जिले में बरौनी रिफाइनरी से नेपाल के बारा जिले के अमलेखगंज तक जाने वाली इस पाइपलाइन से ईंधन की आपूर्ति होगी. अब तक नेपाल को ट्रकों और टैंकरों से ईंधन की सप्लाई की जाती थी.

रिपोर्ट- मुकेश कुमार सिन्हा

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First published: September 11, 2019, 9:40 AM IST
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