पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत बिहार के इन चार रेलेवे स्टेशनों के निजीकरण की तैयारी, जानें क्या होगा लाभ
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पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत बिहार के इन चार रेलेवे स्टेशनों के निजीकरण की तैयारी, जानें क्या होगा लाभ
पटना का राजेंद्र नगर टर्मनिल फोटो साभार रेलवे

Indian Railway: पूर्व मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार की मानें तो कोई भी बड़ी कंपनी जो टेंडर हासिल कर लेगी उसे ही इन्हें स्टेशनों को विकसित करने की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी

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  • Last Updated: August 6, 2020, 7:19 AM IST
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पटना. पूर्व-मध्य रेलवे (East Central Railway) के 5 रेलवे स्टेशन यात्री सुविधाओं के विकास के मकसद से जल्द ही निजी हाथों में सौंप दिए जाएंगे. इन 5 रेलवे स्टेशनों में बिहार के चार रेलवे स्टेशन शामिल हैं जिनमें पटना का राजेंद्र नगर टर्मिनल (Rajendra Nagar Terminal) , मुजफ्फरपुर ,गया, बेगूसराय है. इन पांच रेलवे स्टेशनों के निजीकरण (Railway Privatization) में बड़ी कंपनियों द्वारा प्रमुखता से दिलचस्पी भी दिखाई गई है. निजीकरण के लिए पूरी प्रक्रिया को मूर्त रूप देने के लिए रेलवे विकास निगम को जिम्मेवारी सौंप दी गई है. रेलवे का दावा है कि इससे यात्री सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी. पहले चरण में देश के दो बड़े स्टेशन हबीबगंज व गांधीनगर स्टेशन को विकसित करने के लिए निजी हाथों में सौंपा गया है.

साफ-सफाई से लेकर इन कामों का होगा जिम्मा

पूर्व मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार की मानें तो कोई भी बड़ी कंपनी जो टेंडर हासिल कर लेगी उसे ही इन्हें स्टेशनों को विकसित करने की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी. वैसे ट्रेन परिचालन और टिकट बुकिंग की जिम्मेवारी निजी हाथों में नहीं सौंपी जाएगी. निजीकरण के तहत ट्रेनों की धुलाई, स्टेशन का रखरखाव की जवाबदेही दी जाएगी. स्टेशन परिसर के पार्किंग, सफाई, ट्रेनों में पानी भरना स्टेशन को रोशन करना और परिसर में विज्ञापन लगाने, प्लेटफार्म पर फूड स्टॉल लगाने से काम निजी कंपनियों को दिया जाएगा.



यात्री सुविधाओं में होगा इजाफा
कुल मिलाकर उन्हें स्टेशन पर यात्री सुविधाएं एयरपोर्ट की तरह ही उपलब्ध करानी होगी. रेलवे के अधिकारी के मुताबिक निजी कंपनियों को पंखा से लेकर एसी मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेवारी सौंपी जाएगी. अलग-अलग स्टेशनों के लिए विशेष नियम और शर्त तब तय किए जाएंगे जब स्टेशन के निजीकरण का संबंधित टेंडर निकल जाएगा. रेलवे अधिकारियों की मानें तो कुछ स्टेशनों की खाली पड़ी जमीन पर शॉपिंग मॉल भी बनाने की बात चल रही है क्योंकि खाली पड़ी जमीन से फिलहाल कोई राजस्व नहीं आ रहा है.

25 स्टेशनों के लिए बना है प्लान

दरअसल बदलते हालात में रेलवे ने निजी क्षेत्र से पूंजी लेने का मन बना लिया है. इसी के तहत प्रमुख शहरों में रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में देने की तैयारी भी चल रही है. मौजूदा समय में देश के 25 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने की योजना बनाई गई है.
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