बिहार पुलिस के हाईटेक अभियान पर सवाल, केंद्र से मिल रही राशि का नहीं हो पा रहा उपयोग

दरअसल, केंद्र सरकार उपयोग प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही अगली किस्त जारी करती है. (सांकेतिक फोटो)

उधर इस मामले को लेकर बिहार में सियासत भी शुरू हो गई है. राजद ने इस पूरे मामले में बिहार सरकार को घेरा है. पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी (Mrityunjay Tiwari) ने कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का यह वक्तव्य साबित करता है कि बिहार सरकार अपराध नियंत्रण की दिशा में ढीला रवैया अख्तियार कर रही है.

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पटना. बिहार में पुलिस आधुनिकीकरण (Police Modernization) की दिशा में केंद्र द्वारा दी जा रही राशि का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है. इस वजह से केंद्र द्वारा आवंटित धनराशि की तुलना में राज्य को हर साल काफी कम धनराशि केंद्र द्वारा मिल रही है. दरअसल, केंद्र सरकार (Central Government) का यह कहना है कि पुलिस आधुनिकीकरण के लिए जो राशि बिहार को आवंटित की जाती है उसका उपयोग प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है. इस की वजह से जो  राशि जारी होती है वह कम होती जा रही है. इस बात की जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) द्वारा संसद में दी गई है. कम राशि मिलने के कारण हर साल यही था कि जो आवंटन हुआ उसका उपयोग बिहार सरकार द्वारा नहीं किया गया. दरअसल, केंद्र सरकार उपयोग प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही अगली किस्त जारी करती है.

दरअसल, पुलिस आधुनिकीकरण योजना हर राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती रही है. मौजूदा समय की चुनौतियों को देखते हुए पुलिस बल को AK47 राइफल, यूएवी, नाइट विजन, सीसीटीवी कैमरे, और बॉडी योर्ण अम खुफिया उपकरण जैसी चीज़े आधुनिकीकरण योजना के तहत उपलब्ध कराए जाते हैं. इसके अलावा साइबर और फॉरेंसिक यातायात पुलिस व्यवस्था के लिए नवीनतम उपकरणों और संचार उपकरण की व्यवस्था भी इस योजना में शामिल की गई है. साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण और ऑपरेशन वाहनों के प्रस्ताव शामिल करने की छूट भी राज्यों को दी गई है. दरअसल, पुलिस आधुनिकीकरण योजना का मकसद पुलिस बलों को अपराध के साथ ही नक्सल,आतंक से लड़ने में हर तरीके से सक्षम और स्मार्ट बनाना है. साथ ही उनकी जरूरतों को पूरा करना है. कई बार राज्य अपने प्रस्ताव के बावजूद खर्च में ढिलाई या नरमी बरत देते हैं, जिसकी वजह से वो जिस पैसे के हकदार होते हैं, वह नहीं मिल पाता है.

इसकी कल्पना शायद ही कभी किसी ने की थी
उधर इस मामले को लेकर बिहार में सियासत भी शुरू हो गई है. राजद ने इस पूरे मामले में बिहार सरकार को घेरा है. पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का यह वक्तव्य साबित करता है कि बिहार सरकार अपराध नियंत्रण की दिशा में ढीला रवैया अख्तियार कर रही है. उधर सत्तारूढ़ दल ने मुख्य विपक्षी पार्टी के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सरकार ने न केवल पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में कई कदम आगे बढ़ाया है, बल्कि नक्सलवाद को खत्म करने के साथ ही अपराध का खात्मा कर बिहार के इतिहास में नये अध्याय का सृजन कर दिया है. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक झा की माने तो नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए  ने पुलिस आधुनिकीकरण के लिए जो काम किए हैं उससे एक ऐसी लकीर खींची गई है जिसकी कल्पना शायद ही कभी किसी ने की थी.

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