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राबड़ी देवी का CM नीतीश को जवाब- लालू जी का शुक्रगुजार रहें कि आपको राजनीतिक जीवनदान दिया

राबड़ी देवी (फाइल फोटो)
राबड़ी देवी (फाइल फोटो)

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर हमला बोलते हुए ट्वीट में लिखा, नीतीश कुमार कुतर्कों के योद्धा बन गए हैं. कह रहे तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री बनाया. इनमें लोकलाज बची ही नहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 2:20 PM IST
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पटना. नई सरकार के गठन के बाद बिहार विधानमंडल का पहला सत्र काफी हंगामेदार रहा. इस दौरान कई वजहों से व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की गई जिस पर काफी बवाल मचा. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने जब सीएम नीतीश कुमार पर आपत्तिजनक टिप्पणी की तो इस पर सियासत हुई. इस पर बयानबाजियों का सिलसिला अब भी लगातार जारी है और अब इसी क्रम में अब राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को उस बात की याद दिलाई है जब वर्ष 2015 में 80 सीटें होने के बावजूद महागठबंधन ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया था.

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए ट्वीट में लिखा, नीतीश कुमार कुतर्कों के योद्धा बन गए हैं. कह रहे तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री बनाया. इनमें लोकलाज बची ही नहीं, बताइए सबसे बड़ी पार्टी और 80 विधायकों के नेता को उपमुख्यमंत्री बना नीतीश ने कौन सा अहसान कर दिया? शुक्रगुज़ार आपको लालू जी का होना चाहिए जो आपको राजनीतिक जीवनदान प्रदान किया.


बता दें कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टिप्पणी से आहत होते हुए मुख्यमंत्री ने गुस्से में सदन में खड़े होकर कहा था कि कि ये (तेजस्‍वी यादव ) मेरे भाई समान दोस्त (लालू यादव) का बेटा है इसलिए हम सुनते रहते हैं, हम कुछ नहीं बोलते हैं, बर्दाश्‍त करते रहते हैं. इसके पिता को लोकदल में विधायक दल का नेता किसने बनाया था, इसको मालूम नहीं है. मगर ये सारी बात एक-एक लोग जानते हैं.



नीतीश ने आक्रोश में पूछा, इसे (तेजस्वी यादव) डिप्‍टी सीएम किसने बनाया था? यह चार्जसीटेड है, इसपर अब कार्यवाही होगी. यह झूठ बोल रहा है. हमने कहा था - जवाब दे दो तो यह आगे नहीं आया. इसपर हम महागठबंधन से अलग हो गए. नीतीश कुमार ने थोड़ी देर बाद शांत होते हुए कहा कि आगे बढ़ना है तो मर्यादा में रहना सीखना होगा.

हालांकि सीएम नीतीश कुमार की बातों का तेजस्वी यादव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और वे अपनी बात पर अडिग रहे. उन्होंने कहा कि हमने सीएम नीतीश की कही गई बातों का ही जवाब दिया है. गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने यह भी कहा था कि 1991 में सीएम नीतीश पर हत्या का मुकदमा चला जिसे बिना किसी पूछताछ के रफा-दफा कर दिया गया. कंटेंट चोरी के मामले में मुख्यमंत्री रहते 25000 का जुर्माना भरना पड़ा.

तेजस्वी ने सृजन घोटाले की भी चर्चा की और एनडीए के विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि यह डरे हुए चोर और बेईमान लोग हैं. उस समय सदन में सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद थे. तेजस्वी ने सीएम नीतीश की संतान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि उन्होंने दूसरा बच्चा इसलिए पैदा नहीं किया क्योंकि उन्हें बेटी होने का डर था.
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