सुशील मोदी का खुला ऑफर- 'रघुवंश बाबू की RJD में नहीं रही जगह, NDA में मिलेगा पूरा सम्मान'
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दरअसल सवर्ण आरक्षण के मुद्दे पर एक ओर आरजेडी में दो सवर्ण नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने जहां इसे 'चूक' करार दिया है, वहीं राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इसे पार्टी की पॉलिसी बताया है.

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क्या आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह एनडीए का हिस्सा बनने जा रहे हैं? दरअसल ये सवाल इसलिए उभरकर आए हैं कि बिहार के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने रघुवंश प्रसाद सिंह को एनडीए में शामिल होने का खुला आमंत्रण दिया है. सुशील मोदी ने कहा कि रघुवंश बाबू जैसे नेता की जगह आरजेडी में नहीं है, उन्हें एनडीए में पूरा सम्मान मिलेगा.

दरअसल सवर्ण आरक्षण के मुद्दे पर एक ओर आरजेडी में दो सवर्ण नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने जहां इसे 'चूक' करार दिया है, वहीं राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इसे पार्टी की पॉलिसी बताया है. जबकि तेजस्वी यादव ने कहा कि ये गलत प्रचार किया जा रहा है कि हम सवर्ण आरक्षण का विरोध कर रहे हैं.

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जाहिर है किआरजेडी के भीतर इस अंतर्विरोध को एनडीए एक अवसर के तौर पर देख रही है और इसे भुनाने की कोशिश में है. हालांकि तेजस्वीय यादव ने इस मुद्दे पर आज अपना स्टैंड जरूर क्लीयर किया है. उन्होंने कहा कि हमारे बारे में गलत प्रचार किया जा रहा है कि हम सवर्ण आरक्षण के विरोध में हैं. वहीं उन्होंने ये भी कहा है कि रघुवंश बाबू के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है.
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आपको बता दें कि आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने  कहा कि रघुवंश बाबू ने जो कहा वह उनकी राय है, लेकिन मैंने पार्टी की आधिकारिक राय सदन में रखी, जो पार्टी के ट्वीटर हैंडल पर भी है. उन्होंने कहा था कि पार्टी की एक आधिकारिक राय होती है, मैं तो मैसेंजर हूं.

आपको बता दें कि रघुवंश प्रसाद सिंह ने बुधवार को कहा था कि  आरजेडी सवर्ण आरक्षण के विरोध पर पुनर्विचार कर रही है. संसद में पार्टी से इस मसले पर चूक हो गई क्योंकि पार्टी हमेशा से सवर्ण आरक्षण की पक्षधर रही है. आपको बता दें संसद में इस मुद्दे पर बहस के दौरान मनोज झा ने  एक ‘‘झुनझुना’’ दिखाया. झा ने कहा यह झुनझुना फिलहाल सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान के पास है. हिलता तो है  लेकिन बजता नहीं है.

इनपुट- नीलकमल

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