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railway recruitment scam cbi registers case against 16 people including lalu yadav and rabri devi nodaa

Railway Recruitment Scam: सीबीआई की FIR में लालू प्रसाद यादव पहले और प्रमुख आरोपी

लालू यादव (बाएं ऊपर), राबड़ी देवी (दाएं ऊपर), मीशा भारती (बाएं नीचे) और हेमा यादव (दाएं नीचे) को सीबीआई ने आरोपी बनाया.

लालू यादव (बाएं ऊपर), राबड़ी देवी (दाएं ऊपर), मीशा भारती (बाएं नीचे) और हेमा यादव (दाएं नीचे) को सीबीआई ने आरोपी बनाया.

CBI Registers Case: सीबीआई ने जिन 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनके नाम लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मिशा भारती, हेमा यादव, राज कुमार सिंह, मिथिलेश कुन्नर, अजय कुन्नर, संजय राय उर्फ ​​संजय कुन्नर, धर्मेंद्र राय उर्फ ​​धर्मेंद्र कुमार, विकास कुमार, पिंटू कुमार, दिलचंद कुमार, प्रेम चंद कुमार, लाल चंद कुमार, हृदयानंद चौधरी और अभिषेक कुमार हैं.

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हाइलाइट्स

राबड़ी देवी, मीशा भारती और हेमा यादव समेत 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ.
लालू यादव की बेटी हेमा यादव को पहली बार किसी भी मामले में आरोपी बनाया गया है.

पटना. सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और दो बेटियों (मीशा भारती और हेमा यादव) समेत 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. खास बात यह है कि सीबीआई द्वारा दर्ज FIR में लालू प्रसाद यादव को पहला और प्रमुख आरोपी बनाया गया है, जबकि दूसरे नंबर का पर राबड़ी देवी हैं. तीसरे और चौथे नंबर के आरोपियों में लालू यादव की बेटी मीसा भारती और हेमा यादव के नाम है. बता दें कि हेमा यादव को पहली बार किसी भी मामले में आरोपी बनाया गया है.

सीबीआई ने जिन 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनके नाम लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मिशा भारती, हेमा यादव, राज कुमार सिंह, मिथिलेश कुन्नर, अजय कुन्नर, संजय राय उर्फ ​​संजय कुन्नर, धर्मेंद्र राय उर्फ ​​धर्मेंद्र कुमार, विकास कुमार, पिंटू कुमार, दिलचंद कुमार, प्रेम चंद कुमार, लाल चंद कुमार, हृदयानंद चौधरी और अभिषेक कुमार हैं.

सीबीआई के मुताबिक, शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव के दिल्ली, पटना और गोपालगंज के कुल 16 ठिकानों पर तलाशी ली गई है. सीबीआई की जांच फिलहाल जारी है. तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रेलवे के डिफरेंट जोन में ग्रुप डी के लिए की गई नियुक्तियों में घोटाला किया. सीबीआई की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, नियुक्तियों के बदले में तत्कालीन रेल मंत्री ने अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम जमीन-जायदाद ट्रांसफर करवाकर आर्थिक लाभ उठाया.

सीबीआई ने कहा कि रेलवे के क्षेत्रीय कार्यालयों में होने वाली इन नियुक्तियों के लिए किसी तरह का कोई विज्ञापन या पब्लिक नोटिस नहीं निकाला गया. इसके अलावा मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर जैसे जोनल कार्यालयों में पटना के रहनेवाले लोगों की नियुक्ति की गई. नियुक्ति पाने वाले इन लोगों से पटना की जमीनें अपने रिश्तेदारों या कंपनी (जिसका नियंत्रण मंत्री परिवार के पास है) के नाम गिफ्ट करवाया. सीबीआई के मुताबिक, तत्कालीन रेल मंत्री ने इस प्रकरण में 1,05,292 स्क्वायर फिट जमीन हासिल की है. ये जमीन 2 गिफ्ट डीड और 5 सेल डीड के जरिए मंत्री परिवार को मिली.

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